शहर के रास्तों के निर्माण पर बैठेगी जांच

मंडी। नगर परिषद क्षेत्र की गलियों और रास्तों पर बिछाए पेवर तथा टाइलों के उखड़ने का मामला जांच के दायरे में आ गया है। नप की विशेष बैठक में नप के तकनीकी कर्मचारियों, अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका पर पार्षदों की ओर से सवाल उठाए हैं। इस पर नगर परिषद ने जांच करने का फैसला लिया है।
सोमवार को नगर परिषद की विशेष बैठक में इस मामले को लेकर कई पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई। इस पर कार्यकारी अधिकारी ने ऐसे निर्माण कार्यों की जांच करने के आदेश दिए हैं। बैठक में कार्यकारी अधिकारी अजय पराशर ने कहा कि इस सारे मामले की जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंडी शहर में रास्तों के रखरखाव एवं अन्य विकास कार्यों के लिए नप को अब 21.5 लाख रुपये की राशि मिली है। इसे लेकर सोमवार को हुई बैठक में जब कार्यकारी अधिकारी ने पार्षदों से उनके प्रस्ताव मांगे, तो पार्षद योगराज ने कहा कि रास्तों में टाइलें लगाने का कोई फायदा नहीं हो रहा। हाल ही में जितने भी रास्तों पर टाइलें और पेवर लगाई हैं, वह सब उखड़ चुकी हैं। इन रास्तों सही तरीके से निर्माण नहीं हुआ है। रास्तों के निर्माण में टाइलें लगाने की बजाए सीमेंट वाले रास्ते बनाने चाहिए। यह ज्यादा मजबूत और टिकाऊ हैं।
मनोनीत पार्षद आकाश शर्मा ने इस राशि का अधिक हिस्सा बाहरी वार्डों में खर्च करने की बात कही। वहीं आशुतोष पाल ने शहर के आंतरिक वार्डों के रास्तों की रिपेयर की बात की। इस मौके पर पार्षद नारायण सिंह, आशुतोष पाल और दिनेश शर्मा ने भी अपने विचार रखे। बैठक में विद्या देवी, उर्मिला शर्मा, विमला देवी, शांता कात्यायन आदि भी मौजूद रहीं।

मंत्री के घर का रास्ता एकदम सही
पार्षद योगराज ने कहा कि शहर के एक मंत्री के घर के रास्ते पर लगाई गई टाइलें आज तक नहीं उखड़ी हैं। हालांकि वहां से भी रोज कई गाड़ियां गुजरती हैं। वहीं शहर के अन्य रास्ते जहां सिर्फ लोग पैदल चलते हैं, वह रास्ते उखड़ चुके हैं। इस सारे मामले की जांच होनी चाहिए।

गड़बड़ होगी तो करेंगे कार्रवाई
नप के कार्यकारी अधिकारी अजय पराशर ने कहा कि ऐसे सारे मामलों की जांच की जाएगी और अगर निर्माण कार्य में कोई गड़बड़ी पाई गई तो कार्यवाई होगी। उन्हाेंने सुझाव दिया कि भविष्य के लिए ऐसे रास्तों की निशुल्क मरम्मत की शर्त भी ठेके में जोड़ी जाएगी।

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