
मंडी। मंडी शहर की गलियां और सड़कें अब एलईडी की रोशनी से जगमगाएगी। शहर के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्र हैलोजन, सीएफएल और ट्यूब लाइट से रोशन होंगे। हिमाचल प्रदेश ऊर्जा मंत्रालय की ओर से मंडी शहर के लिए सवा करोड़ की परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इसके चलते अब मंडी शहर में अत्याधुनिक एलईडी तकनीक की लाइटें लगाई जाएगी। मंडी शहर प्रदेश का पहला शहर होगा जहां एलईडी तकनीक की स्ट्रीट लाइटें लग रही हैं।
इससे नगर परिषद पर पड़ रहे भारी भरकम बिजली के बिल में भी कमी आएगी। इस बारे में नप की ओर से प्रस्ताव पारित कर ऊर्जा मंत्रालय को भेजा है। वहीं नप की ओर से इस महत्वकांक्षी परियोजना को जमीन पर लागू करने की कवायद भी शुरू कर दी है। इसके लिए शहर के सभी वार्डों में लगने वाली स्ट्रीट लाइटों के स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में इस योजना को मंडी शहर और आंतरिक वार्डों के अलावा वार्ड नंबर दो पुरानी मंडी में लागू किया जा रहा है। इसके लिए सर्वे शुरू हो चुका है। मंडी शहर में करीब ढाई हजार के करीब एलईडी लाइट्स लगेगी। इस पर ढाई करोड़ के करीब राशि खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के माध्यम से नप को केवल सवा करोड़ मंजूर हुए हैं। शेष राशि को नप फिलिप्स इंडिया एवं हैवल जैसी कंपनियों के माध्यम से जुटाएगी। शहर में लगी हैलोजन, सीएफएल और ट्यूब लाइट्स ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से शहर के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई जाएंगी।
लागू करने की रूपरेखा तैयार
मंडी शहर के लिए सवा करोड़ की एलईडी परियोजना मंजूर की है। इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए नप की विशेष बैठक में प्रस्ताव पारित किया है।
– सुशील सोंखला, मंडी नप अध्यक्ष।
कंपनियों से भी कर रहे संपर्क
मंडी शहर प्रदेश का पहला ऐसा शहर होगा जहां अत्याधुनिक एलईडी लाइट्स लगाई जा रही है। प्रदेश ऊर्जा मंत्रालय की ओर से मंडी शहर के लिए सवा करोड़ की परियोजना को मंजूरी दी है। शहर में करीब ढाई हजार स्पॉट हैं। जहां एलईडी लाइट्स लगेगी। इस पर ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शेष सवा करोड़ के लिए बिजली का सामान बनाने वाली कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है।
-अजय पराशर, कार्यकारी अधिकारी मंडी नगर परिषद।
