ठेका प्रथा को किया जाए बंद : महासंघ

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश राजकीय और अर्ध राजकीय चालक एवं परिचालक महासंघ जिला कांगड़ा की बैठक जिला कांगड़ा के अध्यक्ष भूपिंद्र शर्मा की अध्यक्षता में डीआरडीए हाल धर्मशाला में हुई। इसमें कई मुद्दोें पर चरचा हुई। सभी विभागों और बोर्डों में चालकों के रिक्त पदों को भरने, 13-14 सालों से दैनिकभोगी और अनुबंध चालकों को नियमित करने, चालकों के नए पदों को सृजित करने की मांग की गई। इसके अलावा संघ ने ठेका प्रथा को बंद करने की मांग की। भूपिंद्र शर्मा ने सरकार से मांग की है कि सचिवालय के आधार पर स्पेशल-पे 1400 दी जाए। इस मसले को शहरी विकास मंत्री के साथ-साथ अन्य मंत्रियों के साथ हुई बैठक में उठाया गया था। लेकिन, आज दिन तक प्रदेश सरकार ने चालकों की जायज मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया है। जबकि, प्रदेश सचिवालय के चालकों को 14 सौ रुपये की स्पेशल-पे वर्ष 2010 से लागू कर दी गई है, लेकिन उन्हें 300 रुपये स्पेशल-पे दी जा रही है। उन्होंने दस फीसदी महंगाई भत्ते की किस्त भी जारी करने की मांग की है। उन्होंने कर्मचारियों के दोनों गुटों को एक होने को कहा अन्यथा सभी कर्मचारियों का मोह भंग हो जाएगा। पिछले दो साल से सरकार के साथ-साथ जेसीसी की बैठक न होना दुखद घटना बताया। बैठक में केवल कृष्ण, उपदेश शर्मा, कृष्ण चंद, मदन जरियाल, सतीश कुमार, सुरेश कुमार, प्रीतम लाल, मंजीत सिंह, ओम प्रकाश, अरुण लाल, विजय पाल, घनश्याम गुलेरिया, रणवीर सिंह, राम प्रसाद शर्मा, अश्वनी कुमार, सुखदेव, अजीत जोगी, राकेश कुमार, शिव चरण, रवि कुमार और स्वर्ण सिंह आदि उपस्थित रहे।

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