स्क्रब टाइफस से निपटने को विभाग सतर्क

कुल्लू। बरसात की आहट से स्क्रब टाइफस को लेकर स्वास्थ्य विभाग चौकन्ना हो गया है। विभाग ने बरसात के दिनों स्क्रब टाइफस से बचने के लिए लोगों को विशेष हिदायतें देनी भी शुरू कर दी हैं। स्क्रब टाइफस पर काबू पाने के लिए विभाग ने विशेष टीमें भी गठित कर दी हैं।
बरसात के मौसम में तेज बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे स्क्रब टाइफस भी हो सकता है। स्क्रब टाइफस जीवाणु से संक्रमित पिस्सु के काटने से फैलता है, जो बरसात के दिनों खेतों-झाड़ियों में लंबी घास में रहने वाले चूहों से पनपता है। यह जीवाणु हाथों या पैरों में चिपक कर त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इससे स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी सुशील चंद्र ने बताया कि बरसात के दिनों में स्क्रब टाइफस की संभावना बढ़ जाती है। स्क्रब टाइफस से निपटने के लिए सभी चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। सुशील चंद्र ने बताया कि जिला के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्क्रब टाइफस की नि:शुल्क जांच और दवाइयां नि:शुल्क दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का तेज बुखार होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाएं।
…क्या हैं लक्षण
– तीव्र बुखार जो 104 डिग्री से 105 डिग्री तक हो सकता है।
– शरीर में कंपकपी या कंपकपी के साथ बुखार।
– शरीर में ऐठन, अकड़न अथवा टूटा हुआ लगता है।
– गर्दन, भुजाओं के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां।
– यह रोग संक्रमित व्यक्ति से दूसरों को नहीं फैलता है।
…कैसे करें बचाव
– शारीरिक स्वच्छता का ध्यान रखें।
– घर तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें।
– घर के चारों ओर घास, खरपतवार न उगने दें।
– घर के भीतर, आसपास बीएचपी या बेगॉन छिड़कें।

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