कालेज प्रशासन-कर्मचारियों में ठनी

संतोषगढ ़(ऊना)। एसबीएसडी कालेज भटोली में कर्मचारियों को कालेज प्रबंधन की ओर से बिना कारण बताए ही रिलीव किए जाने का सिलसिला लगातार चल रहा है। इससे कालेज प्रशासन और कर्मचारियों में ठन गई है। कालेज प्रबंधन की ओर से रिलीव किए जा रहे कर्मचारी अपनी नौकरी को बचाने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय की शरण में पहुंच चुके है।
बताया जा रहा है कि रिलीव किए जा चुके अधिकांश कर्मचारियों की नियुक्ति डीसी ऊना के बतौर कालेज प्रशासक रहते हुए ही की गई थी। लेकिन कालेज प्रशासन कर्मचारियों को एक्सटेंशन देने की बजाए उन्हें रिलीविंग लेटर सौंप रहा है। बताया जा रहा कि कुछ दिन पहले भी कालेज में संगीत विभाग के अनुबंध पर कार्य कर रहे एक कर्मचारी को भी कालेज प्रशासन ने बिना बताए रिलीव कर दिया। इस पर उक्त कर्मचारी ने अपनी नौकरी बचाने के लिए उच्च न्यायालय के जरिये कालेज प्रशासन को स्टे आर्डर पहुंचा दिए। वर्ष 2009 में कालेज के दोबारा निजी होने के समय से ही कालेज के सरकारीकरण के पक्षधर रहे कर्मियों को एक-एक कर रिलीव करने का सिलसिला चल रहा है। 2009 से शुरू हुए सिलसिले में अभी तक चार प्रयोगशाला सहायक, तीन सफाई कर्मचारी, तीन क्लर्क, एक चौकीदार, एक माली एवं संगीत विभाग के तबला वादक को रिलीविंग लेटर कालेज प्रशासन की ओर से थमाए जा चुके हैं।

नौकरी बचाने को लिया है स्टे
कालेज प्रशासन ने जिन 13 के करीब कर्मचारियों को रिलीविंग लेटर थमा दिया है, उन सभी ने नौकरी को बचाने के लिए प्रदेश उच्च न्यायालय से मामले पर स्टे ले रखा है।

कोट्स
कालेज में कई कर्मचारी अनुबंध एवं पार्ट टाइम नौकरी कर रहे हैं। हर शिक्षा सत्र के बाद ऐसे कर्मचारियों का अनुबंध रिन्यू होता है। कर्मचारियों ने बिना किसी कारण के स्टे ले रखा है।
-अनिल शर्मा, भटोली कालेज के प्रशासनिक विभाग के अधीक्षक

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