भालू ने गडरिये को मौत के घाट उतारा

रोहडू। चिड़गांव के रोहल जंगल में भेड़-बकरियां चराने गए गडरिये पर भालू ने हमला कर दिया। गडरिये की मौके पर हो मौत हो गई। दो अन्य भेड़पालकों ने इसे बचाने की कोशिश की, लेकिन ये कामयाब नहीं हो सके। इन दोनों को भी भालू ने बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया। इनमें से एक को आईजीएमसी रेफर किया गया है।
वन विभाग ने मृतक के परिजनों को डेढ़ लाख रुपये की राहत देने की बात कही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार दोपहर रोहल डंडा जंगल में चुंता सिंह भेड़-बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान पास की झाडि़यों में घात लगाकर बैठे भालू ने चुंता पर हमला कर दिया। पंजों के प्रहार से भालू ने चुंता को बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया। उसके चीखने की आवाज सुनकर दो अन्य गडरिये वहां आए और भालू से भिड़ गए। भालू ने इन दोनों को भी लहूलुहान कर दिया। चुंता सिंह दम तोड़ चुका था। इसके बाद नजदीक ही जंगल में भेड़े चरा रहे अन्य लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। भालू के हमले में जतवानी निवासी 42 वर्षीय चुंता सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जतवानी निवासी 60 वर्षीय राजेंद्र सिंह, चिचवाड़ी निवासी 21 वर्षीय उमेश गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल रोहडू पहुंचाया गया। जहां से राजेंद्र को शिमला रेफर किया गया है। वन निगम के निदेशक सुरेंद्र रेटका ने बताया कि मृतक के परिजनों और घायलों को विभाग की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी। वे स्वयं भी घायलों से अस्पताल में जाकर मिले हैं। डीएफओ रोहड़ू अशोक चौहान ने बताया कि मृतक के परिजनों को डेढ़ लाख रुपये की राहत दी जा रही है। घायलों को भी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद राहत दी जाएगी। डीएसपी रोहड़ू राजकुमार चंदेल ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

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