जानलेवा साबित हो रहा कौशल्या खड्ड में जाना

सोलन/ परवाणू (सोलन)। परवाणू से करीब सात किलोमीटर दूर चक्की मोड़-जोहड़जी संपर्क मार्ग के साथ लगती कौशल्या खड्ड जानलेवा है। खड्ड में नहाने और मौज मस्ती करने के लिए आने वाला युव वर्ग जरा सी लापरवाही से अपनी जान जोखिम में डाल सकता है। यहां कई लोग काल का ग्रास बन चुके हैं। मौत की चपेट में आने वालों में अधिकांश युवक-युवतियां शामिल हैं।
कौशल्या खड्ड में वीक एंड पर पर्यटकों का मेला लगा रहता है। सैकड़ों पर्यटक छुट्टी मनाने पहुंचते हैं। ग्रामीणों के दावों की मानें तो चंडीगढ़, कालका, पिंजौर और बीबीएन के सैलानी और यूथ यहां अकसर देखे जाते हैं। इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि यह स्थान चंडीगढ़ से करीब 30 किलोमीटर दूर है। मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने के लिए पर्यटकों को यहां पहुंचना काफी आसान हैं। यहां पर दिनभर मौज मस्ती करने के बाद देरशाम वह वापिस निकल जाते हैं। यह चक्की मोड़ के साथ लगती कौशल्या खड्ड में नहाने उतर जाते हैं। खड्ड ही नहीं यहां पहुंचने का रास्ता भी जोखिम भरा है। सड़क हादसे और खड्ड में डूबने से कई अपनी जान गंवा चुके हैं। विदित हो कि शनिवार को चक्की मोड़-जोहड़जी मार्ग पर चमगाह गांव के पास एक इंडिका कार करीब 100 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में बद्दी विवि के दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक घायल हैं। यह कौशल्या खड्ड में नहाकर लौट रहे थे।

ग्रामीण भी जाता चुके हैं आपत्ति
परवाणू। 17 दिन पहले 23 अप्रैल को स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस थाना परवाणू में एक ज्ञापन दिया था। किसी अनहोनी की आशंका को भांपते हुए ग्रामीणों ने कौशल्या नदी में आने वाले सैलानियों पर पुलिस से निगाह रखने की मांग की थी। वहीं हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि था युवक युवतियां यहां पर आकर नदी में नहातें है तथा गाली गलौच करते हैं। यदि कोई उन्हें रोकना चाहे तो वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। वहीं गांव की लड़कियों के साथ भी छेड़छाड़ करते हैं।

चेतावनी बोर्ड लगाए गए
बढ़ते हादसों को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने की ओर से इस स्थान पर बोर्ड भी लगाया गया, जिसमें सख्त हिदायत दी गई है कि इस नदी में नहाना मना है। बावजूद इसके युवक इसकी परवाह नहीं करते। नतीजन हादसा होने पर जान तक गंवानी पड़ती है।

अब तक हुए हादसे
केस 01- वर्ष 2009 में इसी स्थान पर स्थित पुल से गाड़ी मोड़ते हुए दो युवक और एक युवती की जान चली गई थी। जबकि एक अन्य युवती गंभीर घायल हुई थी।

केस 02- 22 मार्च 2010 को चंडीगढ़ के संस्थान में पढ़ रहे तीन युवकों की नहाते समय खड्ड में डूबने से मौत हुई थी।

केस 03- इसी पुल से एक ट्रैक्टर पलटने से 2010 में चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी।

केस 04- इसी खड्ड में पिछले पांच सालों में डूबने से करीब चार लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसके बाद प्रशासन ने यहां बोर्ड लगाए थे।

गश्त बढ़ाई जाएगी : डीएसपी
परवाणू डीएसपी सुशील कुमार ने कहा कि क्षेत्र में गश्त को बढ़ाया जाएगा। पुलिस ने कौशल्या खड्ड के आसपास चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं। यदि कोई वहां पर नहाता हुआ पकड़ा जाता है तो उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी।

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