
बरमाणा (बिलासपुर)। जिला के बरमाणा क्षेत्र में बैंकों से ऋण लेकर ग्रीन हाउसों का निर्माण करने वाले तीन दर्जन से अधिक किसानों पर मौसम कहर बनकर टूटा है। बरमाणा क्षेत्र गत दो-तीन दिन पहले आए भयंकर तूफान और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल तबाह होने के साथ क्षेत्र के ग्रीन हाउसों के आस्तित्व पर भी खतरा मंडरा गया है। ओलावृष्टि से दर्जनों ग्रीन हाउस मालिकों में आर्थिक संकट छा गया है। गत रविवार, सोमवार को हुई ओलावृष्टि से ग्रीन हाउसों को बड़ी हानि पहुंची है।
क्षेत्र की धौनकोठी, हरनोड़ा, दयोली, बरमाणा, बैरी, पंजर्गाइं, सोलग में लगभग तीन दर्जन ग्रीन हाउस मालिकों पर बारिश कहर बनकर टूटी है। बारिश और ओलावृष्टि से ग्रीन हाउसों में उगाई जाने वाले फूल, सब्जियां महज दो दिन में बारिश के कहर से 40 फीसदी तबाह हो चुके है। तेज हवाआें के कारण के कारण ग्रीन हाऊस बूरी तरह से तहस नहस हो चुके है। ग्रीन हाउसों की पॉलीशीटें तूफान के कारण फट कर उड़ गई हैं। तूफान के बाद बाकि बची कसर ओलावृष्टि ने सब्जियोें और फूलों की फसल को तबाह कि या है। धौन कोठी के प्रधान श्याम, गंभरी देवी, देवराज, गिरधारी लाल ने कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों से मौके का जायजा लेने का आग्रह किया है।
कृषि उपनिदेशक अलबेल सिंह ने कहा कि कुछेक शिकायतें आई हैं। अगर किसानों ने ग्रीन हाउसों का बीमा करवाया होगा तो उनको चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही विभागीय अधिकारियों को भेज कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। उपनिदेशक बागवानी विभाग शशि शर्मा ने कहा कि राजपुरा से एक ग्रीन हाउस की पॉली शीट्स फटने की शिकायत मिली थी। विभागीय अधिकारियों को मौके पर स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा जाएगा।
