आग के मुहाने पर धर्मशाला

धर्मशाला। पर्यटन नगरी धर्मशाला में आग की एक चिंगारी कहर बरपा सकती है। शहर में लगे 17 हाइड्रेंट शोपीस बनकर रह गए हैं। 7 हाइड्रेंट में पानी का प्रेशर बिल्कुल कम है। इन हाइड्रेंट से गाड़ियों में पानी भरने में आठ घंटे तक लग सकते हैं। आगजनी होने पर फायरबिग्रेड की गाड़ियों को 6 किलोमीटर दूर कालापुल से पानी भरना पड़ता है। ऐसे में आग पर समय पर काबू पाना अग्निशमन विभाग के लिए मुश्किल हो सकता है।
गर्मियाें के दिनाें में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। अग्निशमन विभाग के सूत्राें के अनुसार 18 हाइड्रेंट की मरम्मत न होने के कराण ये काम नहीं कर रहे हैं। शहर में कहीं पर भी आगजनी की घटना होती है तो गाड़ियों में पानी कालापुल से ही भरना पड़ता है। हालांकि, अग्निशमन विभाग के अधिकारी हाइड्रेंट को ठीक करवाने को लेकर कई राय रख चुके हैं, मगर समस्या को जिला प्रशासन हल नहीं कर पाया है। प्रशासन की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। उधर, फायरबिग्रेड अधिकारी वीरेंद्र थापा ने बताया कि हाइड्रेंट फायर ब्रिगेड के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने पर फायर ब्रिगेड को काफी परेशानी पेश आ रही है।

योजना पर मंद गति से हो रहा काम
आईपीएच विभाग ने 42 नए हाइड्रेंट लगाने को लेकर कवायद शुरू की थी। योजना के तहत 30 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। छह माह पहले योजनाओं पर काम शुरू हुआ था मगर अभी तक काम को लेकर टेंडर प्रक्रिया ही चल रही है। योजना के तहत शहर में नए हाइड्रेंट लगाए जाने हैं। एक्सईएन दीपक गर्ग ने बताया कि जल्द ही योजना के तहत काम शुरू किया जाएगा।

मैकलोडगंज में भी हाइड्रेंट खराब
पर्यटन नगरी मैकलोडगंज में लगे हाइड्रेंट खराब हैं। यहां पर चार के करीब हाइड्रेंट हैं। लेकिन, पानी एक में भी नहीं आता। यहां पर आग लगने पर धर्मशाला से कालापुल में पानी भरने के बाद आग पर काबू पाया जाता है।

जाम की समस्या से परेशान फायर ब्रिगेड
कोतवाली बाजार में लगने वाला जाम फायर ब्रिगेड के लिए भी सिरदर्द बना हुआ है।आगजनी की घटनाओं में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जाम में फंस रही हैं। इससे मौके पर आग बुझाने पर परेशानी पेश आ रही है। दिसंबर माह में कोतवाली बाजार में आग की घटना पर फायरब्रिगेड की गाड़ी जाम में फंस गई थी। दस मिनट देरी से मौके पर गाड़ियां पहुंची थीं।

कोट्स
व्यापार मंडल के प्रधान रविकांत शर्मा ने बताया कि शहर में नए हाइड्रेंट लगाए जाने जरूरी हैं। आग से शहर में भयंकर तबाही हो सकती है।

नप अध्यक्ष कमला पटियाल ने कहा कि आईपीएच विभाग के साथ बैठक की गई है और हाइड्रेंट को ठीक करने की मांग की गई है।

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