
हमीरपुर। जब सुजानपुर में एसडीएम बैठ सकते हैं, तो ईओ और जेई क्यों नहीं? एसडीएम हमीरपुर जनता की सुविधा के लिए सुजानपुर में विशेष रूप से बैठते हैं तथा लोगों के कार्य निपटाते हैं। हर मंगलवार को एसडीएम सुजानपुर कार्यालय में बैठ रहे हैं। सुजानपुर नपं कार्यालय में ईओ और जेई के बैठने के मुद्दे को लेकर उठे विवाद के बाद लोगों ने सवाल दागना शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि क्या ईओ और जेई के पास एसडीएम से भी ज्यादा कार्य है। अनपढ़ व्यक्ति को भी पता है कि किसके पास कितनी व्यस्तता है। जब एसडीएम माह में दिन निर्धारित कर बैठ सकते हैं, तो फिर ईओ, जेई को क्या समस्या हो सकती है। सीधा मतलब यही है कि जनता की सुविधा की कोई परवाह नहीं है। सरकार ने नपं का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है लेकिन वह उसे पूरा नहीं करना चाहते।
अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे ईओ हमीरपुर द्वारा पहले पत्र जारी कर बाद में व्यस्तता का हवाला देकर कार्यालय में बैठने से इंकार करने का मुद्दा गरमाता जा रहा है। लोगों ने संघर्ष समिति का गठन करने का खाका तैयार कर लिया है तथा आने वाले समय में जनता सीधे तौर पर ईओ के खिलाफ संघर्ष शुरू कर सकती है। नपं में जनता का प्रतिनिधित्व कर रहे पार्षदों का सहयोग भी मिल सकता है और जनता का साथ देने के लिए वह भी तैयार हैं।
स्थानीय लोगों रमेश धीमान, पूर्व डीएसपी संसार चंद, त्रिलोक चौधरी, प्यार चंद चौधरी, अरुण मेहरा, नीरज, पवन, आशुतोष, कृष्ण स्वरूप, विजय कुमार, विजय धीमान, श्रवण कुमार, धनीराम, पार्षद विकास महाजन, कपिल शर्मा, अनीता मेहरा ने कहा कि ईओ जनता के सेवक है और उन्हें सरकार के आदेशों को मानना ही पडे़गा। ईओ खुद दिन तय करके कार्यालय में बैठने से मुकर गए हैं। समय निर्धारित न होने के कारण जनता को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोगों ने संघर्ष समिति के गठन का खाका तैयार कर लिया है। अगर ईओ और जेई कार्यालय मेें नहीं बैठे तो वह आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे। अगर जल्द ही सुजानपुर में ईओ और जेई बैठना शुरू नहीं हुए तो संघर्ष शुरू हो जाएगा।
