होटलों में प्रयोग हो रही घरेलू गैस

रामपुर बुशहर। एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्र में रसोई गैस आपूर्ति न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में चल रहे ढाबों, होटलों और चाय की दुकानों में धड़ल्ले से घरेलू सिलेंडर का प्रयोग हो रहा है। व्यापारियों ने घरेलू गैस सिलेंडरों को भारी मात्रा में स्टोर भी किया है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन खामोश बैठा है, जिससे साफ है कि यह सब मिलीभगत के कारण हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि घरेलू सिलेंडर के दाम कमर्शियल सिलेंडर के कहीं कम हैं। वर्तमान समय में घरेलू सिलेंडर का दाम 450 रुपये है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर का दाम लगभग 1,800 रुपये है। ऐसे में व्यवसायी केवल चांदी कूटने में लगे हैं। इस बारे में रविकांत शर्मा का कहना है कि दुकानों में घरेलू सिलेंडर के प्रयोग लाए जाने के कारण गांवों में गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को खासी परेशानियां हो रही हैं। वहीं रोहित घाघटा का कहना है कि घरेलू सिलेंडर प्रयोग कर रहे व्यवसायियों के लाइसेंस जब्त किए जाने चाहिए। देवराज नेगी का कहना है कि गांव के लोग पिछले तीन माह से गैस आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन जरूरतमंद लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों द्वारा नियमों को ताक में रखकर घरेलू सिलेंडर उपयोग किया जा रहा है।
इधर, इस बारे में जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी अरविंद पदम से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पूर्व शहर भर में सिलेंडरों की जांच की गई, लेकिन कोई भी घरेलू सिलेंडर प्रयोग में लाते नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि जल्द ही ऐसे व्यापारियों पर नकेल कसी जाएगी और जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Related posts