आग लगे तो भगवान बचाए

ऊना। दिन : मंगलवार। समय : दोपहर बारह बजे। ‘अमर उजाला’ की टीम ने ऊना शहर में घूमते हुए लोगों से जिले के विभिन्न इलाकों में हुए अग्निकांडों का जिक्र किया। जब लोगों से पूछा गया कि ऊना शहर आग से कितना महफूज है तो लोगों ने फटाक से एक ही जवाब दिया कि ऊना शहर को हल्की सी चिंगारी राख कर सकती है। कारण यहां की तंग गलियां, जहां से दमकल वाहनों का गुजरना नामुमकिन है। ‘अमर उजाला’ की टीम अरविंद मार्केट, तहसील बाजार, पुलवाला बाजार, मेन बाजार, वार्ड नंबर छह, सात, आठ होते हुए डेढ़ बजे वापस रोटरी चौक पहुंची।
शहर की हालत ऐसी है कि कई जगह तो तंग सड़कों पर ही दुकानें सजी हुई हैं। आगजनी की स्थिति में तो अफरातफरी के बीच समय ही नहीं होता। ऐसे में पहले से तंग सड़कों पर सजी दुकानों को हटाने में ही सारा वक्त बीत जाएगा। तब तक काफी देर हो चुकी होगी। पूर्व में हुए अग्निकांडों से भी किसी ने सबक नहीं लिया है। टीसीपी की ओर से भवनों के निर्माण को मंजूरी भी सवालों के घेरे में है। शहर को योजनाबद्ध तरीके से नहीं बसाया गया है। ऊना के मेन बाजार को ही लें तो यहां पर हालात बेहद खतरनाक है। कुछ साल पहले वार्ड नंबर छह में गीता मंदिर के समीप एक मकान में आग लगी थी। उस समय भी सड़क तंग होने की वजह से घटनास्थल तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां न पहुंचने के कारण लाखों की संपत्ति राख हो गई थी। अरविंद मार्केट के रवि, ऊना के वार्ड नंबर छह निवासी सोहन सिंह, पुलवाला बाजार से प्रदीप कुमार, हरजीत, वार्ड नंबर सात से किशन आदि ने बताया कि यहां की गलियों में फायर ब्रिगेड तो दूर दोपहिया तक दौड़ाना मुश्किल है। छोटी कार लेकर मेन बाजार से कोई घुस गया तो मानो शाम तक फंस गया।

क्या कहते हैं फायर अफसर
फायर अफसर सरवण कुमार शर्मा ने कहा कि तंग गलियों में फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाती। ऊना की गलियां कई जगह इतनी संकरी हैं कि जहां छोटा दमकल वाहन पहुंचाना भी बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही विभाग ने उपायुक्त को अवगत कराया है। तंग गलियों में आगजनी की स्थिति में आग पर काबू पाने के लिए हालांकि विभाग के पास क्यूआरवी वाहन है, जिसकी पानी भरने की क्षमता 300 लीटर है।

ये है ऊना जिले की फायर ब्रिगेड
ऊना जिले की जनसंख्या पौने छह लाख है। यहां पर ऊना और अंब में फायर स्टेशन हैं तथा चिंतपूर्णी में भी मंदिर ट्रस्ट की ओर से फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई है। फायर अफसर सरवण कुमार शर्मा ने बताया कि ऊना फायर स्टेशन में दो बड़ी तथा एक छोटी गाड़ी है। ऊना फायर स्टेशन में 26 फायर कर्मी हैं। अंब फायर स्टेशन में एक बड़ी तथा एक छोड़ी गाड़ी है। वहां पर एक दर्जन कर्मचारी तैनात हैं। चिंतपूर्णी में भी 15 कर्मचारियों की तैनाती की गई है तथा वहां एक गाड़ी मौजूद है।

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