साइबर क्राइम! प्रदेश में अब तक 280 लोग ठगी का शिकार

लालच के कारण ठगों के झांसे में आ रहे लोग

शिमला (वीरेन्द्र खागटा) प्रदेश में लॉटरी, बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन और ऑनलाइन बैंकिंग के नाम पर ठगी के शिकार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। हाल ही में 25 लाख की लॉटरी निकलने का झांसा देकर यूनिवर्सिटी से सीनियर प्राइवेट सेक्रेटरी पद से रिटायर जयराम 18 लाख रुपये गंवा चुके हैं।

यह पहला मामला नहीं है। सीआईडी के साइबर सेल में ठगी के शिकार ऐसे लोगों का आंकड़ा 280 पहुंच चुका है। मार्च 2013 से मार्च 2014 तक पुलिस मुख्यालय स्थित साइबर में शिकायत करने वालों में पुलिस, स्टूडेंट्स, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा महिलाएं भी शामिल हैं।

सीआईडी के अनुसार अधिकतर लोग लापरवाही और लालच के कारण ठगी का शिकार हो रहे हैं। जानकारी होने के बावजूद वे शातिरों के झांसे में आ रहे हैं।

आईजी बोले, स्ट्रांग पासवर्ड बनाएं

एक साल में सामने आए इन मामलों में डेबिट/क्रेडिट कार्ड का पिन कोड लेकर अकाउंट से पैसे निकालने, डेबिट/क्रेडिट कार्ड हैकिंग के अलाव कार्ड का क्लोन तैयार करने जैसे हाइटेक क्राइम के मामले शामिल हैं।

डेबिट/क्रेडिट ब्लॉक करने के नाम पर बैंक के नाम पर फ्रॉड काल करना, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, फ्रॉड ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज, ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन बिल पेमेंट, नेट बैंकिंग के माध्यम से मनी ट्रांसफर के दौरान ठगी के मामले शामिल हैं।

उधर, आईजी सीआईडी क्राइम (साइबर क्राइम) सतवंत अटवाल ने बताया कि लोगों को नेट बैंकिंग और डेबिट/क्रेडिट इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे लॉटरी जैसे किसी लुभावने झांसे में न आएं।

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