
सुंदरनगर (मंडी)(ओमप्रकाश)महंगाई की मार झेल रहे लोगों को नवरात्र शुरू होते ही एक और झटका लगा है। नवरात्र में फलों की मांग बढ़ने से सुंदरनगर उपमंडल में फलों के भाव लगभग दुगने हो गए हैं। इस कारण व्रत करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लेकिन मनमाने दामों पर फल बेचने वाले विक्रेताओं पर अंकुश लगाने को लेकर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। अधिकतर लोग नवरात्र पर अन्न त्याग कर केवल फलाहार ग्रहण करते हैं। नवरात्र से सप्ताह भर पहले जहां केले के दाम प्रति दर्जन 40 से 50 रुपये थे, वहीं अब 80 से 100 रुपये कर पहुंच गए हैं। संतरा पहले 40 रुपये किलो बिक रहा था अब 80 रुपये किलो पहुंच गया है। किनू के दाम 60 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। हरे अंगूर 60 से 120 और काले अंगूर पपीता 30 रुपये से अब बढ़कर 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। सेब 120 रुपये किलो से 240 रुपये किलो हो गए हैं। अनानास 40 रुपये से 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है। नारियल 20 की जगह अब 30 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह व्रत में आलू काफी मात्रा में खाने में इस्तेमाल किया जाता है। आलू के दाम 15 से 25 रुपये किलो तक हो गए हैं।
स्थानीय निवासी ज्योति, कामनी, अंजू चंदेल, निशा शर्मा, रजनी, सुनीता, दीपा, प्रेम वर्मा, प्रताप कुमार, रोशन लाल और विकास कुमार ने कहा कि शहर में हर फर्लांग पर अलग-अलग दाम हैं। प्रशासन के सुस्त पड़ते ही कुछ फल विक्रेताओं की मनमानी शुरू हो गई है। विक्रेताओं ने मूल्य सूचियां तक लगाना बंद कर दी हैं। सुंदरनगर में तैनात खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक सुनीता राणा ने कहा कि मनमाने दाम वसूल करने वालों और मूल्य सूची न लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। एसडीएम एचएस राणा ने भी इस मामले में जांच करवाने की बात कही।
