पांच हजार आबादी पर जल संकट

बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा क्षेत्र में गर्मी के मौसम की दस्तक से पहले ही जल संकट पैदा हो गया है। करीब पांच हजार की आबादी को पिछले 20 दिन से पानी की सप्लाई नहीं मिली है। इससे क्षेत्र में पानी को हाहाकार मची हुई है। बरमाणा क्षेत्र में करीब आधा दर्जन पेयजल योजनाओं के टैंक सूखे पड़े हुए हैं। संबंधित विभाग द्वारा इस ओर कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बरमाणा क्षेत्र के चिन्यौण, जमथल, हरनोड़ा, देवलाछांब, नैहर, धौनकोठी, सोलग, जुरासी के लोग पानी की सप्लाई को तरस गए हैं। हरनोड़ा गांव में तो पेयजल की तीन-तीन पाइप लाइनें बिछाने के बावजूद भी लोगों के घरों में लगे नल शोपीस बनकर रह गए हैं। विभाग द्वारा करोड़ों रुपये की राशि खर्च पेयजल स्टोरेज टैंक बनाया है। वह सूखा पड़ा हुआ है। पानी की समस्या को लेकर हरनोड़ा गांव में बैठक का आयोजन अधिवक्ता बाबू राम ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। ग्रामीण बाबू राम ठाकुर, अमर सिंह, रोशन लाल, छोटा राम, प्रकाश चंद, प्रमोद कुमार, विपिन, प्यारे लाल, राजेंद्र सिंह, बलदेव, प्रकाश चंद, लेखराम, रत्न लाल, सोहन लाल, जोगिंद्र, शशी, विक्रम, अशोक, पवन, कर्मचंद, मदन लाल, रामपाल, जगदीश, संजय ने कहा कि पानी की सप्लाई नहीं मिलने पर कई बार ग्रामीणों को सिंचाई का पानी पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हर बार समस्या समाधान का आश्वासन मिलता है। अब आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान हीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता इंद्र सिंह ने कहा कि विभाग के पास इस बारे कोई भी शिकायत नहीं पहुंची है। यदि ऐसी समस्या है तो इसका समाधान किया जाएगा। दो दिन तक बिजली की वोल्टेज कम होने के कारण पेयजल योजनाएं नहीं चल पाई।

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