
होली (चंबा)। बजोली-होली प्रोजेक्ट के विरोध में उतरी महिलाओं का धरना बीते पांच दिनों से दिन-रात जारी है। मंगलवार को हुई तेज बारिश के कारण समूचा होली क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया है। नाले के समीप धरने पर बैठी महिलाओं को भी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड भी धरने पर बैठी महिलाओें के हौसले पस्त नहीं कर पाई है। मंगलवार को तेज बारिश के दौरान महिलाएं एक तिरपाल के नीचे धरने पर डटी रहीं। महिलाओं का कहना है कि प्रोजेक्ट की सुरंग को बिना आबादी वाले स्थान की तरफ से बनाया जाए। इससे जल, जंगल व जमीन का नुकसान नहीं होगा और बिना आबादी वाली साइड से प्रोजेक्ट बनाने पर कार्य अधिक दिनों तक चलेगा और युवाओं को अधिक दिनों तक रोजगार भी मिलेगा। महिलाओं के दिन-रात धरना दिए जाने के कारण कंपनी का काम नहीं शुरू हो पा रहा है। महिलाओं के धरने पर डटे रहने की बात होली व भरमौर क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। धरने पर बैठी पिंकी देवी, सवेरो देवी, वांवरी देवी, कल्पना, रेखा, भुजली देवी ने बताया कि कोर्ट से स्टे व अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने संबंधी अगर प्रशासन उन्हें कुछ दिन का समय देता है तो वह धरने से उठ जाएंगी। महिलाओं का कहना है कि वह तमाम औपचारिकताएं पूरी करने को तैयार हैं, लेकिन तब तक काम बंद किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट का कार्य किसी भी सूरत में शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
इंसेट …
मोमबत्ती के सहारे काट रही रातें
होली में महिलाए जंगल के समीप जिस स्थान पर धरना दे रही हैं, वहां पर बिजली, पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सर्द रातों में महिलाओं को दीये व मोमबत्ती के सहारे धरने पर बैठना पड़ रहा है। साथ ही महिलाओं को वहीं पर खाना बनाना पड़ रहा है। खराब मौसम के बावजूद उनके हौसले पस्त होते दिखाई नहीं दे रहे हैं।
