
रामपुर/निरमंड। सुनो सरकार, स्कूल उस पार और हम बीच मझधार। यह समस्या है निरमंड तहसील की त्वार पंचायत के दस गांवों के अभिभावकों और उनके बच्चों की। इन गांवों के बच्चों को हर रोज स्कूल पहुंचने से पहले खड्ड पार करना चुनौती होता है। हालांकि, खड्ड पार करने के लिए लकड़ी का अस्थायी पैदल पुल बनाया है, लेकिन वह बीते एक साल से क्षतिग्रस्त है। स्कूली बच्चों को मजबूरन खड्ड में उतर कर उस पार पहुंचना पड़ता है। बारिश होने या बरसात के मौसम में तो अभिभावक भी बच्चों को खड्ड पार नहीं करवा पाते हैं।
हालत यह है कि बच्चों के अभिभावकों को सुबह शाम बच्चों को छोड़ने और ले जाने आना पड़ रहा है। लोगों ने इस बारे में कई बार सरकार और वन विभाग से पुल को दुरुस्त करने की मांग की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
स्थानीय निवासी उत्तम, ईश्वर दास, चमन लाल, गोपाल दास, मनसा राम, तारा लाल, राकेश, योगेंद्र, किशोरी लाल, वीर सिंह और कमलेश कुमार का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण कुर्पण खड्ड का जलस्तर दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। इस कारण हर समय अनहोनी होने की आशंका रहती है, लेकिन प्रशासन और सरकार सोए पड़े हैं। यह पुल तहसील मुख्यालय से तीन पंचायतों को जोड़ता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने मात्र अस्थायी व्यवस्था कर रखी है जो किसी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। लोगों ने जल्द राहत दिलाने को चेताया है।
उधर, इस बारे में वन विभाग के डीएफओ आरके भल्ला का कहना है कि 15 अप्रैल तक पुल के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया जाएगा। उसके बाद जल्द ही इस पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
