
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में तैनात बाहरी जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियोें को अपनों से मिलने का इंतजार लंबा खिंच गया है। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर तमाम कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। ऐसे में यहां तैनात अधिकारी और कर्मचारी करीब छह माह बाद अपनों से मिल सकेंगे। प्रदेश में सात मई को लोकसभा चुनाव के चलते यह कदम उठाया गया है। ये कर्मचारी अक्तूबर से लाहौल-स्पीति जिले में ड्यूटी पर डटे हैं। दिसंबर से अब तक बर्फबारी के चलते यह कर्मचारी वर्ग अपने घर की ओर रुख नहीं कर पाया है। खासकर इसका असर स्कूलों में सेवारत अध्यापकों पर पड़ा है। मार्च में परीक्षाओं के खत्म होते ही ये अध्यापक कुछ दिन के लिए छुट्टियां लेकर परिजनों से मिलने निकल जाते थे, लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव ने उन्हें परिजनों से भी मिलने का समय नहीं दिया। वहीं, दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द किए जाने पर घाटी से हेलिकॉप्टर के माध्यम से बाहर निकलने वाले यात्रियों की तादाद एकाएक घट गई है। सर्दियों में घाटी से बाहर निकले लोगों का भी अब लाहौल लौटना शुरू हो गया है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वीर सिंह ठाकुर ने बताया कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में ही कर्मचारी को छुट्टी दी जा सकती है।
