
हमीरपुर (नीरू) परिवहन निगम के कर्मचारियों ने मांगों को मनवाने के लिए संघर्ष की राह पकड़ ली है। कर्मचारी 4 मार्च से रोजाना विभिन्न स्थानों पर गेट मीटिंग कर रोष व्यक्त कर रहे हैं। वीरवार को एचआरटीसी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने हमीरपुर बस अड्डे पर गेट मीटिंग कर धरना प्रदर्शन किया। धरने प्रदर्शन में समिति के प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने निगम प्रबंधन और परिवहन मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि परिवहन निगम की वित्तीय दुर्दशा का खामियाजा कर्मचारियों को झेलना पड़ रहा है। दिन रात कार्य करने के बाद भी बिना संघर्ष के कोई भी वित्तीय लाभ नहीं दिया जा रहा है। 12 से 16 घंटे ड्यूटी, बिना कोई साप्ताहिक अवकाश काटे और निष्ठा से कार्य करने के बावजूद कर्मचारियों का मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक शोषण किया जा रहा है। मांगों को लेकर 11 मार्च को पूर्ण हड़ताल की जाएगी। मांग है कि परिवहन निगम को रोडवेज बनाया जाए। पेंशन, अन्य भत्तों के लिए सरकार बजट में प्रावधान करे। अवैध संचालन पर रोक लगाई जाए। 48 घंटे के ड्यूटी रोस्टर को समाप्त किया जाए। अनुबंध कर्मचारियों को पांच वर्ष में नियमित किया जाए। 4-9-14 का टाइम स्केल दिया जाए। कार्यरत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सभी देनदारियों का ब्याज सहित एकमुश्त भुगतान किया जाए। निगम के स्टोरों में गुणवत्ता युक्त कलपुर्जे उपलब्ध करवाए जाएं। धरना प्रदर्शन में संयुक्त समन्वय समिति के प्रदेश सचिव नानक चंद शांडिल, सदस्य शंकर सिंह ठाकुर, जगरूप सिंह, जसवंत पटियाल, राजेंद्र सिंघा, गोपाल लाल, राजन वर्मा, संजीव वालिया, शिव कुमार, तरसेम लाल, नटरंजन, राकेश आदि शामिल थे।
