
गगरेट (ऊना)। उत्तर भारत के विख्यात एवं लगभग पांच हजार वर्ष पुराने ऐतिहासिक द्रोण शिव मंदिर शिवबाड़ी का सोमवार को प्रशासन ने अधिग्रहण कर लिया। हालांकि, मंदिर आम लोगों क लिए खुला है, लेकिन अन्य कमरों पर प्रशासन ने सरकारी ताले जड़ दिए हैं। मंदिर के अधिग्रहण की अधिसूचना प्रधान सचिव भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से 26 फरवरी को जारी की गई थी। सोमवार को मंदिर के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई। सुबह पुलिस बल की उपस्थिति में एसडीएम अशोक चौहान एवं तहसीलदार मनोज कुमार ने प्राचीन शिवबाड़ी मंदिर को अपने कब्जे में ले लिया। तहसीलदार मनोज कुमार ने बताया कि उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से मंदिर के अधिग्रहण के आदेश आए थे। आदेशों का पालन करते हुए मंदिर के सभी कमरों में सरकारी ताले लगाकर मंदिर को सील कर दिया है। मंदिर की चल-अचल संपत्ति की लिस्ट तैयार की जा रही है। संपत्ति को भी अधिग्रहीत किया जाएगा। एसडीएम अंब अशोक चौहान ने बताया कि सरकार के आदेशों के मुताबिक कार्रवाई अमल में लाई गई है। शिवरात्रि से एक दिन पहले द्रोण शिव मंदिर शिवबाड़ी के अधिग्रहण क ो लेकर अधिसूचना की प्रति जिला उपायुक्त ऊना को मिली थी। शनिवार को अधिग्रहण के आदेश एसडीएम अंब को प्राप्त हुए। रविवार को छुट्टी के चलते सोमवार सुबह लगभग ग्यारह बजे शिवबाड़ी मंदिर के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
