
हमीरपुर। (नीरू) आजादी के 66 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्राम पंचायत गसोता के अंतर्गत आने वाला गांव कंगरू सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। इसे इस गांव के लोगों का दुर्भाग्य मानें या कुछ लोगों की जिद्द कि इतने वर्षों बाद भी यह गांव अभी तक सड़क सुविधा से महरूम है। गांव चारों तरफ से सड़कों के जाल से घिरा है लेकिन इस गांव के लोग सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। लोगों की जरूरत का हर समान आज भी खच्चरों या फिर सिर पर उठाकर गांव तक पहुंचाया जाता है। कंगरू गांव के नन्हें बच्चों को आज भी स्कूल जाने के लिए लगभग एक किलोमीटर पैदल चल कर बस लेनी पड़ती है।
ऐसा नहीं है कि गांव के लिए सड़क निकालने का प्रयास नहीं किया गया। गांव के लिए सड़क निकालने की कवायद वर्षों पहले शुरू हुई थी। कुछ गांववासियों के प्रयास से सड़क निकाली भी गई लेकिन सड़क निकलने के बावजूद भी आज दिन तक सड़क को पक्का नहीं किया जा सका। सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं, हल्की सी बारिश होते ही इस सड़क से लोगों का निकलना नामुमकिन हो जाता है। गाड़ी तो दूर की बात लोगों को इस सड़क पर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है।
करीब तीन वर्ष पूर्व साथ के ही गांव भरवाण के लिए सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो साथ में ही कंगरू गांव की सड़क को भी पक्का करने का बजट पास हुआ और कंगरू गांववासियों को सड़क सुविधा से जुड़ने की आस जगी लेकिन भरवाण गांव में एक व्यक्ति द्वारा सड़क कार्य रुकवा देने के कारण सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटक गया और कंगरू गांववासियों का सड़क सुविधा से जुड़ने का सपना, सपना ही रह गया।
वहीं सबडिवीजन लंबलू के सहायक अभियंता पीपी सिंह का कहना है कि भरवाण गांव के लिए बनाई जा रही सड़क के साथ ही कंगरू गांव की सड़क को पक्का करने का बजट पास हुआ है लेकिन भरवाण गांव में ही एक व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य बंद करवा दिया गया है। इस कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है, तो वहीं कंगरू गांव के भी कुछ लोग सड़क निर्माण को लेकर इच्छुक नहीं हैं।
