..कहीं भारी न पड़ जाए इंतजार

उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र लाहौल घाटी में बर्फ के बीच फंसे मरीजों को लिफ्ट करने में हो रही देरी कहीं मरीजों पर भारी न पड़ जाए। रेफर मरीजों का मर्ज बढ़ता जा रहा है। घाटी के अति दुर्गम क्षेत्र मयाड़ घाटी के छालिंग गांव के बुद्धि सिंह (60) की जान पर बन आई है। बुद्धि सिंह की नाक से अधिक खून बह रहा है। उसको लिफ्ट करने के लिए तिंगरेट हेलीपैड के लिए उड़ान नहीं हो पा रही है। 20 जनवरी के बाद तिंगरेट हेलीपैड के लिए कोई उड़ान नहीं हुई है। इससे मयाड़ घाटी के लोग सरकार से खफा हो गए है। जोबरंग, वारपा और रानिका पंचायत के तहत रावा हेलीपैड के लिए 30 जनवरी के बाद अब तक हेलीकाप्टर की उड़ान नहीं होने से वहां से रेफर सात मरीजों को हेलीकाप्टर का इंतजार है।
रावा हेलीपैड के लायजन अधिकारी अमर जीत सिंह के अनुसार लोट से हीरा देवी, रांगवे के रामपाल, यंगर्कीतिंग के वीर सिंह, ढवांशा के संजीव, शांशा की पलकी, रापे की पलमों और मेलिंग के अनिल को उपचार के लिए चिकित्सकों ने घाटी से बाहर रेफर किया हुआ है। स्थानीय जिला परिषद सदस्य मान दासी ने जिला प्रशासन से मरीजों को लिफ्ट करने की सिफारिश की है। वारपा पंचायत के पूर्व प्रधान सत प्रकाश ने बताया कि रावा हेलीपैड के लिए 30 जनवरी के बाद अब तक कोई उड़ान नहीं हुई है। लंबे समय से उड़ान नहीं होने से मरीजों की दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं। सत प्रकाश और मानदासी ने जिला प्रशासन व सरकार से मरीजों की हालात को देखते हुए रावा हेलीपैड के लिए आपातकालीन उड़ान किए जाने की मांग की है। मयाड़ के बीडीसी सदस्य निशा डोलमा ने मरीज बुद्धि सिंह की हालात को देखते हुए विधायक रवि ठाकुर को दूरभाष पर सारी जानकारी दी है, और जल्द से जल्द तिंगरेट हेलीपैड के लिए एक उड़ान किए जाने की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी के बाद मयाड़ घाटी के लोगों के लिए तिंगरेट हेलीपैड के लिए कोई उड़ान नहीं हुई है। स्थानीय विधायक उपाध्यक्ष रवि ठाकुर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आ गया है। एक दो दिन के भीतर रावा में फंसे मरीजों के साथ तिंगरेट के मरीज को भी लिफ्ट कर राहत पहुंचाई जाएगी।

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