
ऊना।(विवेक त्रिपाठी) क्या आईपीएच विभाग लोगों के स्वास्थ्य के प्रति संजीदा है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पिछले कई माह से शहर के कई वार्डों में मटमैले पेयजल की सप्लाई हो रही है और लोग यही पानी पीने को मजबूर हैं। पानी की बाल्टियों में मिट्टी जम रही है। लोगों का आरोप है कि विभाग को कई बार इस संदर्भ में सूचित किया गया, लेकिन समस्या का हल नहीं हो पाया। लोगों ने आईपीएच विभाग की अनदेखी पर गहरा रोष जताया है। इस समस्या से सैकड़ों लोग परेशान हैं। कई लोगों ने गंदे पानी की निजात पाने के लिए वाटर प्यूरीफायर तक तक लगा रखे हैं।
वार्ड दो के निवासियों में अरमिंद्र सिंह, पवन कुमार, तरसेम शर्मा, लता कुमारी, कृष्णा देवी एवं संजू कुमारी का कहना है कि आईपीएच की सुबह-शाम होने वाली पेयजल सप्लाई में मिट्टीयुक्त पानी आ रहा है। उन्होंने बताया कि रोजाना पानी भरने के बाद बाल्टियों की सतह पर मिट्टी जम जाती है। लोगों का कहना है कि पानी पीने योग्य नहीं है, जिसके चलते उन्हें पानी उबाल कर पीना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले कई माह से चल रही गंदे पानी की सप्लाई से परेशान होकर वाटर प्यूरीफायर तक लगा लिए, लेकिन पानी में रोजाना इतनी मिट्टी आती है कि वाटर फ्यूरीफायर तक चौक होने शुरू हो गए हैं। लोगों ने बताया कि मिट्टी वाले पानी की सप्लाई के बारे में विभाग को दो माह पहले भी सूचित किया, तो लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल पाई। लोगों ने संबंधित विभाग से पीने के पानी गुणवत्ता की जांच कर समस्या का हल निकालने की मांग की हे।
क्या कहते हैं अधिकारी
आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता मुकेश हीरां ने कहा कि मौके पर कर्मचारियों को भेजकर समस्या का पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर में पेयजल की आपूर्ति सही ढंग से की जा रही है।
