
रोहड़ू।(सुंदर ओक्टा)देव भूमि की प्राचीन धरोहर चोरों के निशाने पर है। गांव के मंदिरों में करोड़ों का सोना, चांदी की मूर्तियां और प्राचीन संपत्ति भगवान के भरोसे है। मंदिरों में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद भी कोई सबक नहीं ले रहा है।
रोहड़ू उपमंडल में जुलाई 2013 में देवता बौंद्रा के मंदिर में करोड़ों की लूट और एक चौकीदार की हत्या की गई। इसके बाद शरमाली गांव में देवता मंगराड़ू के मंदिर में चोरी हुई। अब पुजारली चार के में मशहूर देवता रुद्र के मंदिर में चोरी के प्रयास हुए हैं। यहां चौकीदारों की मुस्तैदी से बड़ी घटना होने से टल गई। इससे पहले 26 जून 2012 की रात चिड़गांव के रोहल गांव मंदिर से सोना, चांदी की मूर्तियां चोंरो ने उड़ाईं। वहां घटना के समय कोई चौकीदार नहीं था। 30 मई 2013 की रात जुब्बल तहसील के पराऊंठी गांव में महासू देवता के मंदिर से लाखों रुपये की संपत्ति चोरी हुई है। 21 जून 2013 की रात जुब्बल के ही सुंडली गांव में महासू देवता मंदिर से मूर्ति और छत्र चोरी हुआ है। देवता बौंद्रा मंदिर में चोरी करने वालों को पुलिस ने पकड़ तो लिया है, लेकिन मास्टर माइंड अभी तक पुलिस की पहुंच से दूर है। अधिकांश मंदिरों में चोरी का कोई सुराग नहीं मिला है।
परिणाम स्वरूप पुलिस के लिए हर गांव के मंदिर में गश्त करना संभव नहीं है। बड़े मंदिरों में डंडों के सहारे चौकीदार तैनात हैे। पुजारली चार के मंदिर में यदि चौकीदारों के पास हथियार होते तो चोरों का भागना आसान नहीं था। मंदिर में अलार्म ऊपर वाली मंजिल में था। यहां पर अभी सीसीटीवी केमरे भी नहीं लगे हैं। सैकड़ों छोटे मंदिरों की संपत्ति भगवान के भरोसे हैं। बिना सुराग घटना के बाद पुलिस का आरोपियों तक पहुंचना बड़ी चुनौती है। मंदिरों में हो रही लूट ,चोरी की घटनाओं से देवभूमि की प्राचीन धरोहर लगातार खतरे में है।
