
शिमला। आरटीओ ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कोई फायदा नहीं हुआ। दलालों का यहां आना-जाना जारी है। कैमरों में रिकॉर्डिंग हो रही है और दलाल बेखौफ घूम रहे हैं। विभाग ने आरटीओ ऑफिस में कैमरे लगाकर दलालों की एंट्री रोकने का दावा किया था, लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात ही है। मंगलवार को इंडियन बुलेटिन की पड़ताल में दलाल यहां पूरी तरह सक्रिय नजर आए।
सवा बारह बजे कार्यालय के कैश काउंटर के बाहर गेलरी में दलाल और कुछ युवकों में बातचीत चल रही है। गेलरी से थोड़ा आगे राइटिंग स्टैंड पर फार्म भर रहे युवकों को दलालों ने घेर रखा है। ऑफिस के बाहर सर्विस काउंटर के भीतर भी दलाल सक्रिय हैं। काउंटर के भीतर कार्यालय में बैठे कर्मचारियों के साथ दलाल बातचीत में मशगूल हैं। फीस काउंटर पर भी दलाल सक्रिय हैं। काउंटर पर बैठे कर्मचारी के साथ हंसी-मजाक करते हुए दलाल काम निकाल रहा है और अन्य लोग कतार में खड़े होकर बारी का इंतजार कर रहे हैं।
जुटाई जा रही फुटेज
कार्यालय में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाई की जा रही है। ऑफिस में निर्माण कार्य चल रहा है। इससे काम थोड़ा प्रभावित हुआ है। कार्यालय में अवैध एंट्री करने वालों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
– संजय शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, परिवहन
केस: 01
भाई साहब ने कहा है, काम हो जाएगा
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आरटीओ ऑफिस पहुंचे सुन्नी के मुकेश शर्मा एमवीआई रूम के बाहर बैंच पर बैठे थे। पूछने पर बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है। जब पूछा गया कि क्या काम हो गया? मुकेश ने बताया कि ‘भाई साहब ने कहा है, काम हो जाएगा। बाहर बैठकर इंतजार करो। काम करवाने की एवज में क्या पैसों की डिमांड की है? पहले तो कोई जवाब नहीं दिया, बाद में कहा, ‘दो हजार रुपये मांगे हैं, काम करवाना है तो पैसे भी देने पड़ते हैं।’
केस: 02
काम करवाने वाले का फोन नंबर दिया है
आरटीओ ऑफिस के मेन गेट के पास हाथों में कागजात लिए कोटखाई के राजेंद्र सिंह खड़े थे। बातचीत करने पर राजेंद्र ने बताया कि वे डीएल बनवाने आए हैं। उनके रिश्तेदार ने उन्हें किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर दिया था। बताया था कि डीएल बनवाने में वो व्यक्ति मदद कर देगा। व्यक्ति ने 12:30 बजे मिलने का समय दिया है और सारे कागजात मांगे हैं। अब काम करवाने के कितने पैसे लगेेंगे यह तो पता नहीं। दो-तीन हजार खर्च मानकर चल रहा हूं।
