
कुल्लू। टपक सिंचाई योजना बागानों को संजीवनी का काम करेगी। इस योजना में न तो पानी बर्बाद होगा और न ही फलदार पौधे सूखे की चपेट में आएंगे। सरकार ने बागवानी मिशन के तहत बागवानों के लिए टपक सिंचाई योजना का प्रावधान किया है। इसका बागवान भरपूर लाभ ले सकता है। बागवानों को इस योजना पर 80 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। बागवानों को सूखे के समय बागीचों में पानी की परेशानी नहीं होगी। आधुनिक तकनीक से पानी इस पौधे तक योजना के तहत पहुंचाया जाएगा। बागवानी महकमा जिला कुल्लू में इस योजना के तहत 62 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार जहां पानी की उपलब्धता है, वहां योजना का बागवान भरपूर लाभ ले सकते हैं। योजना के तहत एक हेक्टेयर भूमि तक पानी का नेटवर्क बिछाया जाएगा। ऑनलाइन नेटवर्क से बूंद-बूंद पानी टपकेगा। इससे एक हेक्टेयर में लगे पौधे बूंद-बूंद पानी से सिंचित होंगे। बागवानी विभाग कुल्लू के उपनिदेशक डॉ. बीसी राणा ने बागवानों को सलाह दी है कि जिस बागीचे में पानी की उपलब्धता है वे पूरी तरह से योजना का फायदा ले सकते हैं। अधिकृत कंपनी की च्वाइस पर टपक सिंचाई योजना का नेटवर्क बिछा सकते हैं। इस योजना में पानी कम लगता है। आधुनिक ऑनलाइन पानी के नेटवर्क से एक बूंद-बूंद पानी एक हेक्टेयर भूमि को सिंचित करेगा। बागवानी विभाग टपक सिंचाई योजना पर जिला कुल्लू में 62 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर रहा है। उन्होंने जिला के बागवानों से इस योजना का भरपूर लाभ उठाने की सलाह दी है, जिससे कुल्लू के बागान सूखे की चपेट नहीं चढ़ सके।
