
बंगाणा (ऊना)। आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स के दौरे के दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने जिस तरह उन्हें अपना दुखड़ा सुनाया, उससे यह साफ हो गया है कि कुटलैहड़ कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यह खींचतान लोस चुनाव में कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है। कु टलैहड़ विस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से बैठक करने पहुंची आईपीएच मंत्री को लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। वर्करों का मंत्री से सवाल था कि पहले कार्यकर्ताओं को यह बताया जाए कि उनका कु टलैहड़ से नेता कौन है? जिसके पास कार्यकर्ता अपनी समस्याएं लेकर जाएं।
कार्यकर्ताओं ने इस बात पर रोष जताते हुए कहा कि चुनाव के समय कु टलैहड़ विस क्षेत्र से टिकट के दावेदार तो 27 थे पर पर उन्हें यह बताया जाए कि उनमें से कितने टिकट का दावा करने वाले जनता की समस्याओं को लेकर शिमला गए। क्या वह टिकट मिलने तक ही सीमित थे? अगर नहीं तो चुनाव के बाद वह कहां गायब हैं? सभी वक्ताओं और उपमंडल बंगाणा के कई पंचायत प्रतिनिधियों, पार्टी के पदाधिकारियों ने स्टोक्स को बताया कि कु टलैहड़ क्षेत्र के कु छ अधिकारी पार्टी के कार्यकर्ताओं के कार्य करने में दिलचस्पी नहीं लेते हैं। आज भी भाजपा के कार्यकर्ताओं के काम धड़ाधड़ कर रहे हैं। इससे कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
बाहरी नेता का हस्तक्षेप मंजूर नहीं : फौजी
कु टलैहड़ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र फौजी ने कहा कि कु टलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में किसी भी बाहरी नेता का हस्तक्षेप मंजूर नहीं होगा। फौजी ने जिला के कु छ बाहरी नेताओं पर हल्ला बोलते हुए कहा कि कुटलैहड़ विस क्षेत्र में किसी भी कार्य को करने के लिए रामदास मलांगड़ व ब्लाक अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होगी। उनकी बिना जानकारी के जिले का कोई भी नेता कु टलैहड़ क्षेत्र में किसी भी कार्य संबंधी दखलअंदाजी न करे। फौजी का कहना था कि कुटलैहड़ के कर्मचारी जो बाहर कार्यरत हैं, उनको यहां की पोस्टें भर जाने से अब कैसे लेकर आ सकते हैं। फौजी ने आईपीएच मंत्री को दो टूक कह दिया कि अगर लोस चुनावों में पार्टी को बढ़त दिलानी है तो कु टलैहड़ में जिला के दूसरे नेताओं का हस्तक्षेप बंद करें। इस मौके पर मौजूद अन्य कांग्रेस नेताओं ने चुप्पी साधे रखी।
