चुनाव तक टला टैक्स!

शिमला। राजधानी में होने वाली प्रापर्टी टैक्स वसूली लोकसभा चुनावों के मद्देनजर टलती नजर आ रही है। चुनाव के चलते नगर निगम ने शहर में टैक्स वसूली से हाथ पीछे खिंच लिए हैं। राज्य सरकार ने भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। नगर निगम और सरकार दोनों ही अब आचार संहिता लगने के इंतजार में हैं। कोई भी चुनावों के समय जनता पर आर्थिक बोझ डालने के हक में नहीं है। बीते दिनों नगर निगम ने सदन से यूनिट एरिया मेथड को रद्द करने की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा है। सरकार से नई टैक्स पद्धति को रद्द करने की मांग करते हुए पुरानी टैक्स पद्धति में संशोधन को कहा है लेकिन राज्य सरकार ने करीब तीन सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी इस बाबत कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए हैं।

19 हजार पर पहली बार लगेगा टैक्स
शहर में मर्ज किए गए छह वार्डों के 19 हजार परिवार पहली बार इस टैक्स की जद में आएंगे। कुल 48 हजार परिवार टैक्स के दायरे में लिए गए हैं। इन परिवारों में 40 प्रतिशत परिवार मर्ज एरिया के वार्डों के हैं।

एक साथ तीन साल की होगी वसूली
शहर में यूनिट एरिया मेथड फरवरी 2012 से लागू किया गया है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद साल 2012-13 में निगम ने पुरानी पद्धति से टैक्स वसूला है। ऐसे में शहरवासियों को एक साथ तीन साल का टैक्स चुकाना पड़ सकता है।

विधायक अनिरुद्ध ने भी उठाया है मामला
कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा के बजट सत्र में टैक्स के मामले को उठाया है। संभावित है कि 17 या 18 फरवरी को विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर चर्चा होगी।

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