
एक डाकघर को भी तरसा आयल
सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की अति दुर्गम ग्राम पंचायत आयल में न डाकघर है, न स्वास्थ्य कें द्र और न ही बैंक की शाखा है। ऐसे में इस पंचायत के लगभग डेढ़ दर्जन लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत प्रधान खोजू राम, उपप्रधान दुनी चंद, बहमी राम, माधो राम, प्रेम लाल, खियालू राम, जोगिंद्र सिंह, भगत राम, प्रभिया राम, टेक चंद और हेम राज ने बताया कि पंचायत में मूलभूत सुविधाओं का काफी अभाव है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीणों को घरद्वार पर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए मनरेगा को शुरू किया है, लेकिन क्षेत्र में बैंक शाखा न होने के कारण उन्हें मानदेय प्राप्त करने के लिए लगभग 70 किलोमीटर दूर सलूणी जाना पड़ता है। इस कारण उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। यही नहीं, पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र न होने के कारण उन्हें काफी परेशानी पेश आ रही है। कोई बीमार हो जाए तो उपचार के लिए सलूणी या फिर 150 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में डाकघर तक की भी शाखा नहीं है। लोगों ने कहा कि ग्रामीणों ने कई बार ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर स्वास्थ्य विभाग, बैंक प्रबंधन व सरकार के नुमाइंदों को भेजे, लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। चुनावों के समय सभी राजनीतिक दलों के नेता समस्या का समाधान करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनके इलाके की कोई सुध नहीं लेता। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पंचायत में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं। ऐसा न होने पर वे लोक सभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
