दुराचार के दोषी को सात साल कैद

ऊना। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार शर्मा की अदालत ने दुराचार मामले में संजय विश्वकर्मा निवासी पडरी जिला खुशीनगर यूपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत कैद एवं जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
इस संबंध में जिला न्यायवादी एनसी घई ने बताया कि 8 नवंबर 2012 को नाबालिग सुबह घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जिसके बाद नाबालिग के परिजनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। छानबीन के बाद पता चला कि दोषी संजय विश्वकर्मा नाबालिग को बहला फुसला कर भगाकर ले गया है। जिसके बाद पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को नाबालिग के साथ खड्डा बाजार उत्तर प्रदेश से बरामद किया और वहां की अदालत में पेश करने के बाद ऊना लेकर आई। जहां नाबालिग का मेडिकल करवाया गया, जिसमें उसके साथ दुराचार की पुष्टि हुई।
अदालत ने आरोपी संजय विश्वकर्मा को आईपीसी की धारा 376 के तहत सात साल कैद एवं 10 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में एक साल अतिरिक्त कारावास, धारा 363 के तहत चार साल कैद, एक हजार जुर्माना और जुर्माना नहीं देने पर छह महीने कैद की सजा सुनाई है। आईपीसी की धारा 366 के तहत आरोपी को चार साल कैद एवं दो हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कारावास का भुगतना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की पैरवी एडीए अशोक धीमान ने की।

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