
ऊना। शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा पेश किए गए बजट में आगामी लोकसभा चुनाव का संभावित असर दिखाई पड़ा है। यही वजह है कि इस बजट में हर वर्ग को खुश करने की कवायद की झलक दिखाई गई है। कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता 10 फीसदी बढ़ाया गया है। दिहाड़ीदारों की दिहाड़ी 150 से बढ़ाकर 170 कर दी गई है, जबकि गृहरक्षकों को अब 125 की बजाए 260 रुपये दिहाड़ी मिलेगी। जलवाहकों को 1300 की जगह 1500, जिप अध्यक्ष का मानदेय 5000 से 6500 रुपये किया गया, उपाध्यक्ष 3500 से 4500 दिया जाएगा। नपं अध्यक्ष 2400 से बढ़ाकर 3000 कर दिया गया है। उपाध्यक्ष को भी अब 2000 से बढ़ाकर 2500 तथा वार्ड सदस्यों को 900 को बढ़ाकर 1200 रुपये किया गया है। ग्राम पंचायत प्रधानों को अब मानदेय 1800 की जगह 2100 मिलेगा, उपप्रधानों 1500 से बढ़ाकर 1800 जबकि सदस्यों को 175 की 200 रुपये बैठकों का मिलेगा। बजट में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाया गया, 80 साल से ऊपर के वृृद्धों को अब एक हजार रुपये पेंशन का लाभ मिलेगा। इस साल सरकार ने पेंशन के 10369 मामलों को मंजूरी प्रदान करके इस वर्ग को खुश किया है। सरकार ने आवास उपदान की राशि 48500 से बढ़ाकर 75000 करके आम जनता के दर्द को करने की ओर कदम बढ़ाए हैं, तो दूसरी ओर आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया में आय सीमा की शर्त को 15 हजार से बढ़ाकर 20 हजार कर दिया गया है। एसएसटी, ओबीसी, के लिए बजट में खास तबज्जों दी गई है। हिमाचल के लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने दिल्ली चंडीगढ़ लोकमित्र केंद्र स्थापित करने की योजना भी सराहनीय है। ऊना, बिलासपुर, मंडी तथा कांगड़ा जिलों में कॉफी डिमोंस्ट्रेशन प्लांट लगाए जाएंगे, और इन जिलों में कॉफी की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक प्रयास की शुरुआत की है, जो किसानों के लिए फायदेमंद हो सकती है।
