
धर्मशाला। प्रदेश की वीरभद्र सरकार में कांग्रेस के ही युवा विधायक को उनके जन्मदिवस पर जोर का झटका धीरे से लगा है। युवा विधायक यादविंद्र गोमा के विस क्षेत्र जयसिंहपुर के तहत बालकरूपी में स्थापित हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के डिवीजन को टांडा शिफ्ट कर दिया गया है।
लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व यहां स्थापित इस डिवीजन को लेकर सोमवार को अधिशाषी अभियंता और स्टाफ सहित टांडा स्थानांतरित करने के आदेश जारी हो गए हैं। दिलचस्प है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में टांडा से ही स्थानांतरित किए गए इस डिवीजन के अंतर्गत तीन सब डिवीजन पड़ते हैं। इनमें थुरल सुलह विधानसभा क्षेत्र में, जबकि भेड़ी और लंबागांव जयसिंहपुर में आते हैं। बताया जाता है कि पूर्व आईपीएच मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने भाजपा के कार्यकाल में उक्त डिवीजन को टांडा से बालकरूपी के लिए स्थानांतरित कराया था। प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार ने इस निर्णय को खारिज करते हुए बाकायदा मंत्रिमंडल की बैठक में पारित कर इसे वापस टांडा में स्थापित करने के आदेश जारी किए हैं। हालांकि इसे स्थानीय विधायक के लिए एक झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है। चूंकि डिवीजन टांडा से संचालित होने के कारण विकास कार्यों का बजट दूसरे क्षेत्रों की ओर भी बंटने की आशंका है। उधर, विपक्ष में बैठी भाजपा ने इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।
जयसिंहपुर में स्थापित करेंगे : गोमा
जयसिंहपुर के युवा विधायक यादविंद्र सिंह गोमा ने कहा कि वह इस बारे में जल्द मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से बात करेंगे। इस डिवीजन को टांडा के बजाय जयसिंहपुर में स्थापित करने के प्रयास किए जाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इसकी आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
सरकार ले रही तुगलकी फैसले : परमार
सुलह से पूर्व भाजपा विधायक एवं प्रदेश भाजपा महामंत्री विपिन परमार ने कहा कि सरकार का यह निर्णय तुगलकी फरमान जैसा है। मंत्रिमंडल के अधिकांश फैसले जनहित को दरकिनार रख कर लिए जा रहे हैं। यह डिवीजन भाजपा सरकार ने क्षेत्र में सड़कों के घनत्व को देखकर यहां स्थापित किया था। लेकिन पूर्व सरकार के फैसलों को बदलकर कांग्रेस ने भेदभाव शुरू कर दिया है।
