
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के किसान बंदर एवं आवारा पशुओं से परेशान हैं। बारिश के बाद किसानों के गेहूं की अच्छी फसल होने की उम्मीद बंधी है, लेकिन बंदरों और आवारा पशुओं ने इस उम्मीद पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। किसानों के मुताबिक दिन में बंदर तो रात को आवारा पशु फसलों को उजाड़ रहे हैं।
कुटलैहड़ क्षेत्र के कई किसानों ने खेती करनी बंद कर दी है। लोगाें का आरोप है कि बौल में वानर नसबंदी केंद्र बनने के बाद कुटलैहड़ क्षेत्र में बंदरों की संख्या कई गुणा बढ़ चुकी है। रात के समय कुछ अज्ञात लोग पशुओं को गाड़ियों में भरकर क्षेत्र में छोड़ जाते हैं। ये पशु खेतों में घुसकर सुबह होने तक पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं। दिन के समय में बंदर फसलों को तबाह कर रहे हैं। कर्ण कुमार, जनक राज, कुलदीप सिह, रामदीन, गुरदास राम, मोहन सिंह, अश्वनी शर्मा, अलवेल सिंह, कर्म सिंह, राजदीन, प्रभु राम, तारा चंद, गणेश दत्त, रोहित कुमार, सुभाष चंद, निक्कू राम, सुदर्र्शन सिंंह, रामलोक, प्रीतम चंद, रमेश चंद, रशीद मुहम्मद ने बताया कि फसलों की बिजाई के लिए मंहगी खादों और मंहगे बीजों का इस्तेमाल किया है। बंदरों और आवारा पशुओं ने सब उजाड़ दिया है। किसानों ने प्रशासन के प्रति रोष जताया है। किसानों की मांग है कि बंदरों और आवारा पशुओं के आतंक से जल्द राहत दिलाई जाए। वन विभाग के आरओ रत्न कश्यप का कहना है कि विभाग कार्रवाई करेगा।
