
हमीरपुर। जिला में एक सितंबर से डीबीटी योजना लागू की गई है। घरेलू गैस की कालाबाजारी और उपभोक्ताओं को पर्याप्त आपूर्ति के उद्देश्य से योजना को लागू किया गया था। अब यह योजना लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। लोगों को एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी नहीं मिल रही है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के पूरे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। कई माह इंतजार करने के बाद भी अनुदान की राशि खाते में नहीं आ रही है। यही नहीं जिन उपभोक्ताओं ने समय रहते आधार नंबर गैस एजेंसी के साथ लिंक करवा दिए हैं, उन्हें भी सब्सिडी नहीं मिल रही है। सिविल सप्लाई की बड़सर स्थित गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं को तीन-तीन सिलेंडर भरवाने के बाद भी सब्सिडी नहीं आ रही है। उपभोक्ता बैंक और एजेंसी के चक्कर काटने मजबूर हैं। उपभोक्ता निर्मला देवी ने बताया कि सितंबर माह तक आधार नंबर गैस एजेंसी और बैंक में दे दिया था। उसके बाद तीन सिलेंडर भरवा चुके हैं। अभी तक एक सिलेंडर की सब्सिडी ही मिली है। स्पष्ट नहीं हो रहा है कि सब्सिडी पहले सिलेंडर की है, या फिर तीसरे सिलेंडर की। बाकी दो सिलेंडर की सब्सिडी आएगी या नहीं आएगी, पता नहीं।
लिंक का कार्य आईओसी कर रही
एजेंसी में तैनात क्लर्क चमन ने बताया कि उपभोक्ता आईडी को आधार से लिंक करने के बाद कंपनी द्वारा बैंक से लिंक करना होता है। जिन उपभोक्ताओं ने आधार नंबर दिए हैं, उनके आधार आईडी के साथ लिंक कर दिए गए हैं। बैंक से लिंक करने का कार्य आईओसी द्वारा किया जा रहा है। यदि उपभोक्ता का आधार नंबर कंपनी और बैंक के साथ लिंक हो गया होगा तो सब्सिडी आ जाएगी।
