10 करोड़ नौकरियां मिलेगी इस सेक्टर में!

दिल्‍ली

वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ चुकी है। यदि गलतियां नहीं दोहराई गईं, तो यह 8 फीसदी की विकास दर पर लौट आएगी।उन्होंने दावा किया कि आर्थिक सुधार के उपायों और फैसले लेने की प्रक्रिया को फॉस्ट ट्रैक पर लाने के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में ब्रिक्स देशों पर आयोजित सत्र में उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में हमने निर्णायक फैसले लेने में तेजी दिखाई, जिसका नतीजा सामने है। हमारी अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर से उबर चुकी है। पिछले साल मैंने कहा था कि हमारी विकास दर 5 फीसदी होगी और अगले साल यह 6 फीसदी पर पहुंचेगी। धीरे-धीरे हम 8 फीसदी की विकास दर में लौट आएंगे।

मैन्यूफैक्चरिंग में आएंगी 10 करोड़ नौकरियां
दावोस। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि भारत मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में 10 करोड़ कुशल रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में प्रयासरत है। वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की बैठक में शिरकत करने आए वाणिज्य मंत्री शर्मा ने कहा कि भारत का लक्ष्य देश की जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी 16 से बढ़ाकर 25 फीसदी करना और 10 करोड़ कुशल रोजगार के अवसर पैदा करना है।

‘सुपर हाइवे’ की तरह है भारतीय अर्थव्यवस्था
दावोस। जाने माने अर्थशास्त्री थॉमस फ्रेडमैन ने भारतीय अर्थव्यवस्था की तुलना एक ‘सुपर हाइवे’ से की है। उन्होंने कहा कि वह भारत के आर्थिक विकास की क्षमता को लेकर आशावादी हैं। फ्रेडमैन का कहना है कि लोग अकसर भारत और चीन के बारे में पूछते हैं। मेरे हिसाब से वे दो सुपर हाइवे हैं लेकिन वह थोड़े मुश्किल हैं। फिर भी जब आप वहां ड्राइव करते हैं, तो वे सुपर हाइवे की तरह लगते हैं लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि यह एक भ्रम है या हकीकत।

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