
सुजानपुर (हमीरपुर)। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जिन अध्यापकों ने 19 मई 2011 से पहले एमए कर ली है, उनको पदोन्नति के समय अंकों की प्रतिशतता की शर्त न लगाई जाए। संघ के जिलाध्यक्ष संजीव ठाकुर, महासचिव कमल राज अत्री, मुख्य पैटरन अजय शर्मा, मुख्य सलाहकार नरेंद्र पठानिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिली मोहम्मद, उपाध्यक्ष संजीव चोपड़ा, पुरुषोत्तम ठाकुर, संजय राणा, भवानी ठाकुर, क्रांति शर्मा, जगदेव ठाकुर, प्रेस सचिव संसार चंद राणा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्यास देव, राकेश शर्मा, प्यार चंद, लक्की शर्मा, जोगिंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, पवन कुमार, महिला विंग की अध्यक्ष नीलम शर्मा, कमलेश कुमारी आदि ने बताया कि शिक्षा विभाग 45 फीसदी की शर्त पर अडिग है। संघ शर्त को हटाने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिला था और उन्होेंने शर्त हटाने का भरोसा भी दिलाया था। बावजूद इसके शिक्षा विभाग अडिग है, जिस कारण कई हजार अध्यापकों का भविष्य अधर में लटक गया है। संघ ने सरकार से मांग की है कि शर्त को जल्द हटाया जाए। शिक्षा विभाग स्पष्ट दिशा निर्देश दे। जिन अध्यापकों ने अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट व केस नहीं भेजे हैं उनको भी समय दिया जाए। संघ ने सरकार से मांग की कि सभी संकाय कला, विज्ञान और वाणिज्य में पदोन्नति की जाए, न कि कुछ ही विषयों में पदोन्नति की जाए।
