
कुल्लू। कामर्शियल वाहनों की हड़ताल का कुल्लू-मनाली के पर्यटन कारोबार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हड़ताल के चलते कुल्लू-मनाली आने वाले करीब 15 फीसदी पर्यटकों ने अपनी ऑन लाइन बुकिंग रद करवा दी है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि यदि हड़ताल का शीघ्र कोई हल नहीं निकला तो कारोबार पूरी तरह से ठप हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार पर्यटन नगरी मनाली के होटलों में दो दिन से हजारों पर्यटक कैद हैं। टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण ये पर्यटक मनाली के स्नो प्वाइंट्स सोलंगनाला, कोठी, गुलाबा आदि में बर्फ के दीदार को नहीं पहुंचे पाए रहे हैं। हजारों पर्यटक केवल होटलों के आसपास ही घूम रहे हैं। यहां तक कि पर्यटक वरिष्ठ, नेहरू कुंड, हिंडिबा टैंपल, फातरू आदि स्थानों पर घूमने नहीं जा रहे हैं। मनाली में बर्फ के दीदार को आए हजारों पर्यटक इन दिनों होटलों में कैद हो गए हैं। होटलों में कैद ये पर्यटक अब अपने जान पहचान के लोगों को इन दिनों मनाली न घूमने आने की सलाह दे रहे हैं। इस कारण मनाली के होटलों में करीब 15 फीसदी पर्यटकों ने ऑन लाइन बुकिंग रद दी है। जानकारी के अनुसार टैक्सी यूनियन मनाली से हर रोज करीब 500 गाड़ियां पर्यटकों को सोलंगनाला समेत अन्य स्थलों पर घूमने के लिए जाती हैं। इसके अलावा करीब 150 वाहन रोज मनाली से बाहरी राज्यों को जाते हैं।
होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने बताया कि हड़ताल का पर्यटन कारोबार पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। करीब 15 फीसदी ऑन लाइन बुकिंग रद हो गई है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो मनाली का पर्यटन कारोबार पूरी तरह से ठप हो जाएगा। अनूप ठाकुर ने कहा कि कामर्शियल वाहन वालों को मुख्यमंत्री के आश्वासन पर हड़ताल खत्म कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हड़ताल से प्रदेश के पर्यटन कारोबार को गहरा धक्का लग रहा है।
