
सुप्रीम कोर्ट के वाहनों पर लालबत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिए आदेश के बाद उत्तराखंड सरकार ने लालबत्ती धारकों का चिन्हिकरण कर दिया है।
शासकीय वाहनों में हूटर रहित लालबत्ती प्रयोग के संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी कर केवल 7 श्रेणियों को इसके दायरे में रखा है।
शासकीय वाहनों में अब मुख्यसचिव, डीजीपी, अपर मुख्य सचिव सहित कई बड़े अधिकारियों के वाहनों पर लालबत्ती नहीं लगेगी।
वाहनों पर लालबत्ती लगाकर वीआईपी बनने की होड़ पर सरकार ने सोमवार को विराम लगा दिया है। परिवहन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के संवैधानिक पदों पर आसीन लोगों के वाहनों पर लालबत्ती लगाने के लिए आदेश पर सोमवार को शासनादेश जारी किया।
इस आदेश के तहत अब शासकीय अधिकारियों केवाहनों से लालबत्ती गुल हो गई है। मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, डीजीपी, जिला जज, सभी आयोगों के चेयरमैन, प्रमुख सचिव न्याय, पीसीसीएफ, कैबिनेट और राज्य मंत्री दर्जाधारी लालबत्ती के हकदार नहीं होंगे।
हटा ली सबने लालबत्ती
शासन में लालबत्ती के लिए अनुमान्य अधिकारियों ने अपने वाहनों से लालबत्ती हटा ली है। मुख्य सचिव के अधिसूचना जारी करने से पहले सचिवालय में अधिकृत अधिकारियों ने वाहनों से लालबत्ती हटा ली है। आदेश लागू होते ही राज्य में सिर्फ अधिकृत महानुभवों के वाहनों को छोड़ सभी को लालबत्ती हटानी होगी।
नीली बत्ती का है विकल्प
लालबत्तियों को लेकर शासन ने श्रेणियां निर्धारित कर दी है, लेकिन नीली बत्ती के लिए अधिकृत अधिकारियों को सूचीबद्ध करने पर फैसला नहीं लिया है। माना जा रहा है कि नीली बत्ती की श्रेणी को विस्तृत कर सकती है।
