आवश्यक वस्तु अधिनियम काला कानून

सितारगंज। व्यापारियों ने शासन द्वारा लागू आवश्यक वस्तु अधिनियम 2013 को काला कानून बताते हुए इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत व्यापारियों का शोषण होगा और खाद्यान्न की कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शासन द्वारा पारित अधिनियम को निरस्त करने की मांग की है।
सोमवार को राइस मिलर्स एसोसिएशन, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल और किराना मर्चेंट एसोसिएशन की रामलीला भवन में बैठक आहूत हुई। जिसमें व्यापारियों ने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम 2013 लागू होने से खाद्यान्न के स्टाक की मात्रा कम कर दी गई है। इससे बाजार में खाद्यान्न की किल्लत होगी और कालाबाजी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही किसानों को भी उनकी फसलों का वाजिव दाम नहीं मिल सकेगा। शासन के इस कानून से व्यापारी बेहद आहत हैं। उन्होंने शासन द्वारा पारित अधिनियम को निरस्त करने की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी न हुई तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने एसडीएम मनीष कुमार सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को ज्ञापन भी भेजा। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय गोयल, महामंत्री राजीव गुप्ता, अनिल गर्ग, लियाकत अली खां, रामौतार गोयल, राजेश जिंदल, त्रिलोक गोयल, संदीप अग्रवाल, वरुण अग्रवाल, राकेश सिंघल, रामकुमार, किशन गर्ग, शुभम गोयल आदि थे।

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