सुविधाएं दो और टैक्स लो

शिमला। यूनिट एरिया मेथड के तहत तय होने वाली दरों को लेकर शहरवासियों ने अपने सुझाव और आपत्तियां देना शुरू कर दिया है। सोमवार को शहर के कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने महापौर को लिखित में अपने सुझाव और आपत्तियां सौंपी। वरिष्ठ नागरिकों ने दो टूक कहा कि बिना सुविधाएं मिले वे टैक्स नहीं देंगे। इन लोगों का कहना है कि या तो सुझाव माने जाएं या नगर निगम को भंग कर दिया जाए। शहर को सीधे तौर पर सरकार के अधीन लाया जाए ताकि न तो नगर निगम की आय स्रोत का रोना हो और न ही लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़े।
वरिष्ठ नागरिक सुभाष वर्मा, केआर गुप्ता, अमर सिंह वर्मा, सीएल ठाकुर, तुलसी राम शर्मा, ओपी कपरेट, बीडी शर्मा, प्रकाश रोष्टा, विजय शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, कांशी राम, डीपी गुप्ता, कुलदीप शर्मा, एसएल शर्मा, शेर सिंह कौशल, नारायण दास सहित कई अन्य ने टैक्स से संबंधित अपने सुझाव और आपत्तियों को दर्ज करवाया है। इन वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में जो टैक्स वे अदा कर रहे हैं, नई दरों वाला टैक्स उससे अधिक नहीं होना चाहिए। टैक्स वसूली कारपेट एरिया पर ही आधारित हो। मेथड लागू करने से पहले शहरवासियों को पार्किंग की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। वार्डों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित बनाई चाहिए। रेंट एक्ट में संशोधन होना चाहिए। टैक्स वसूली के लिए बनाए गए जोन में व्यापक बदलाव होना चाहिए। कई क्षेत्रों को बेवजह जोन ए और बी में डाला गया है। ऐटिक फ्लोर के क्षेत्र को टैक्स के दायरे से बाहर रखना चाहिए। प्रूडा कंपनी द्वारा करवाए गए सर्वे को भी जांचा जाना चाहिए। सौ वर्ग मीटर के क्षेत्र को टैक्स के दायरे से बाहर करना चाहिए। आम लोगों को विश्वास में लेकर सलाहकार समिति का गठन कर विचार किया जाना चाहिए।

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