
संतोषगढ़ (ऊना)। रसोई गैस सिलेंडर के दामों में की गई बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। गैस सिलेंडर के बढे़ दामाें से घरेलू गैस का उपयोग आम आदमी की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है। नए साल के पहले ही दिन तेल कंपनियों की ओर से की गई 220 रुपये की बढ़ोतरी से गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम अब 1350 रुपये का आंकड़ा पार कर गए हैं।
सालभर में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को मिलने वाले 9 सिलेंडरों में से चाहे अभी सिलेंडर बचे हाें, मगर फिर भी उपभोक्ताओं को पहले बढे़ हुए दाम तो देने ही पड़ेंगे। इन लोगों ने कहा कि भले ही सब्सिडी के पैसे बाद में उपभोक्ताओं के खाते में आएंगे लेकिन पहले यह रकम जुटाना गरीब लोगों के लिए आसान नहीं है। इस वजह से मध्यम वर्गीय एवं गरीब लोगों का गुजर-बसर करना पहले से ज्यादा कठिन हो गया है। गैस के दाम बढ़ने से कई लोगों का सिलेंडर खरीदना पहुंच से दूर होता जा रहा है। जहां एक ओर गैस सिलेंडर के दाम बढ़ रहे हैं। वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास गैस कनेक्शन के साथ एक गैस सिलेंडर है। ऐसे उपभोक्ताओं को मिट्टी का तेल भी नहीं दिया जाता। क्षेत्र के एलपीजी गैस उपभोक्ताओं बलजीत सिंह, सतनाम कौर, अश्वनी कुमार, सरबजीत सिंह, आशीष कुमार का कहना है कि गैस के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं का पूरा बजट ही बिगड़ चुका है। वहीं सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी भी चार-चार महीनों के बाद खातों में पहुंच रही है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रक्कड़ कालोनी स्थित सुगम गैस एजेंसी के मैनेजर कमल कुमार का कहना है कि उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस सिलेंडर नए दामों पर ही मिलेगा। उपभोक्ताओं को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी में भी बढ़े हुए दामों के अनुपात में ही बढ़ोतरी हो जाएगी।
