देवदार की लकड़ी की तस्करी में तीन को कैद

मंडी। देवदार के 180 नग चोरी करने के मामले के तीन आरोपियों को अदालत ने एक-एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपियों को जुर्माना राशि भी अदा करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अजय मेहता के न्यायालय ने आरोपी पंकज कुमार, रामपाल और हरी सिंह के खिलाफ अभियोग साबित होने पर क्रमश: एक साल और 6 महीने के साधारण कारावास और क्रमश: 5000 रुपये और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपियों को क्रमश: तीन माह और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। आरोपी राम पाल और हरी सिंह पर अपनी पहचान छिपाने का अभियोग भादंस की धारा 419 के तहत साबित होने पर छह माह के साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। आरोपी राम पाल के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 181 के तहत बिना लाईसैंस के वाहन चलाने का अभियोग साबित होने पर 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इन धाराओं के तहत जुर्माना राशि अदा न करने पर आरोपियों को क्रमश: एक माह और 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों पर 26 फरवरी 2005 को खलियार में कटौला को जाने वाली सड़क के पास ट्रक में देवदार के 180 नग तस्करी करते हुए पाए जाने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। दो आरोपियों पर अपनी पहचान छिपाने का भी अभियोग साबित हुआ है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक राजरानी ने 16 गवाहों के बयान कलमबंद करवाकर अभियोग को साबित किया। सदर थाना पुलिस के दल ने एसआई शमशेर सिंह की अगुवाई में खलियार के पास कटौला को जाने वाले रास्ते के पास नाका लगाया हुआ था। इसी दौरान कटौला की ओर से आ रहे ट्रक की तलाशी लेने पर देवदार के नग बरामद हुए थे। इस पर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था।

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