
बिलासपुर। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने बीआरसी नियुक्ति का कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि पुराने नियमों के तहत ही नीति को निरंतर रखा जाए। संघ ने सीएंडवी अध्यापको को टाइम स्केल का लाभ नहीं मिलने पर भी विभाग के प्रति गहरा रोष प्रकट किया है। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की बैठक का आयोजन बिलासपुर में किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला प्रधान नरोत्तम धीमान ने की। इसमें प्रदेश परिवेदना समिति के अध्यक्ष कुलदीप सिंह भरमौरिया ने विशेष रूप से शिरकत की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में सीएंडवी शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, लेकिन इन पदों को भरने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने कि इससे जहां शिक्षकों को समस्या उठानी पड़ रही है, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। शिक्षकों की समस्याओं को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अध्यापकों, मुख्याध्यापकों के रिक्त पदों को भरा जाए। साथ ही डीपीई, क्राफ्ट टीचर, लेब असिस्टेंट को ग्रेड-पे का लाभ जल्द प्रदान किया जाए। इसके अलावा यह भी मांग की है कि टाइम स्केल के निर्धारण की शक्तियां संबंधित जिला शिक्षा उप निदेशक को प्रदान की जाएं, ताकि शिक्षकों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े। बैठक में प्रदेश प्रवक्ता पवन सांख्यान, जिला महासचिव कर्मदेव गौतम, वित्त सचिव गुरमेल सिंह, वरिष्ठ उप प्रधान अश्वनी गौतम, खंड प्रधान राकेश संधू, सुरेश कुमार, जोगिंद्र शर्मा, चिंरजी लाल, सोहन लाल, सचिव नरवीर सिह, श्यामलाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे
