
रामपुर बुशहर। … चाहे जो भी हो पर हम नहीं सुधरेंगे। जी हां ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है रामपुर शहर में। यहां पर आए दिन सरेआम नियमों की अवहेलना हो रही है, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। हालत यह है कि दिनदहाड़े एनएच पर ट्रक खड़े कर रेत, बजरी उतारा जा रहा है। यही नहीं एसडीएम के कार्यालय और पीएचसी के बाहर दिन को सरिया उतारा जा रहा है। इस कारण एनएच पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। वहीं, कई बार रोगी वाहन भी यहां फंस रहे हैं। यह सब पुलिस थाने से दस फीट की दूरी पर हो रहा है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बन कर बैठा रहा। इसे अब पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत समझें या फिर सरकारी तंत्र की बेबसी। इसे लेकर लोगों में कई तरह के सवाल हैं।
रामपुर में आए दिन नियमों को तोड़ कर एनएच पर बेतरतीब ढंग से रेत, बजरी, सरिया, शीशा और अन्य भारी सामान उतारा जा रहा है। इससे आम लोगों के साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को पेश आ रही है। क्योंकि एनएच के साथ ही प्राथमिक और रावमापा स्कूल ब्वाय और कन्या चल रहे हैं। यहां करीब दो हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। सड़क पर हो रहे इस अतिक्रमण के कारण ये कभी भी हादसे की चपेट में आ सकते हैं। जबकि एक हादसे में यहां स्कूली बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि दो घायल हुए है। इसके बाद भी पुलिस और प्रशासन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
इस संबंध में एसपी शिमला अभिषेक दुल्लर का कहना है कि पुलिस क्यों कार्रवाई नहीं कर रही है इस बारे में जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि नियम तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
