हिमुडा के फ्लैटों पर माथापच्ची

हमीरपुर। हिमुडा के तैयार फ्लैटों पर पेंच फंस गया है। नगर परिषद कह रही है कि तैयार फ्लैट अभी तक कंप्लीट नहीं हैं। इसलिए इन्हें अभी तक अपने अधीन नहीं लिया जाएगा। यह निर्णय शनिवार को आयोजित नगर परिषद की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष दीप कुमार बजाज ने की। बैठक में हिमुडा के फ्लैटों पर खूब माथापच्ची हुई। हिमुडा ने दो साल पहले 72 फ्लैट तैयार किए हैं। इन्हें आवंटन का जिम्मा नगर परिषद को सौंपा गया है। हिमुडा फ्लैटों को नगर परिषद को हैंड ओवर करना चाहता है। नगर परिषद का कहना है जो फ्लैट तैयार किए गए हैं वह अभी पूरी तरह से कंप्लीट नहीं हैं। बैठक में काफी देर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि जब तक हिमुडा फ्लैटों को पूरी तरह तैयार नहीं करता है तब तक नप फ्लैट नहीं लेगी। जो फ्लैट आवंटित किए जाने हैं उनके लिए नप को आवेदक नहीं मिल रहे हैं। 72 फ्लैटों के लिए 152 आवेदन आए हैं लेकिन इन आवेदकों में से 72 पात्रों का चयन नहीं किया जा सका है। अब जिन्होंने आवेदन किया है वे भी सामने नहीं आ रहे हैं। नगर परिषद ने पात्रों के चयन के लिए खूब औपचारिकताएं रखी हैं इसलिए उन्हें पात्र ही नहीं मिल रहे हैं। चयन कमेटी ने करना है लेकिन कमेटी भी चयन करने में नाकाम रही है। अब कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर स्क्रूटनिंग कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। स्क्रूटनिंग कमेटी आवेदकों के दस्तावेजों की जांच कर पात्र व्यक्तियों का चयन करेगी। उसके बाद विशेष बैठक का आयोजन कर पात्रों की लिस्ट तैयार की जाएगी। बैठक में बाल स्कूल के खेल मैदान के साथ बनाई गई 120 दुकानों के आवंटन के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में उपायुक्त हमीरपुर से दुकानों के जल्द आवंटन की मांग की गई।
बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार, लेखाकार बुद्धि सिंह, पार्षद राकेश कुमार, वेद प्रकाश, अनिल सोनी, सुकिंद्रा पुरी, वीना कपिल, मनोरमा लखनपाल, रीता शर्मा, आशा रानी, सलोचना देवी, त्रिलोक चंद उपस्थित थे।

बजट के अभाव में विकास कार्य ठप
नगर परिषद हमीरपुर में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। विकास कार्यों के लिए नगर परिषद के पास पर्याप्त बजट नहीं है। नगर परिषद के पास इस समय मात्र 18 लाख रुपये का बजट है जो केवल सड़कों के रख रखाव और मरम्मत कार्यों के लिए है। पार्षदों ने अपने वार्डों की समस्याओं को कार्यकारी अधिकारी और नगर परिषद अध्यक्ष के समक्ष रखा। कार्यकारी अधिकारी ने बजट का अभाव होने की बात कही।

मोबाइल टावरों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान आबादी वाले स्थानों पर टावर लगाए जाने को लेकर मिल रही शिकायतों पर भी चर्चा की गई। शहर में आबादी वाले स्थानों पर मोबाइल टावरों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र लिखकर इस बारे जानकारी मांगी जाएगी। यदि आबादी वाले स्थानों पर इन टावरों से नुकसान होने की पुष्टि होती है तो आबादी वाले स्थानों पर टावर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सफाई कर्मियों को जारी होगी हिदायत
पार्षदों ने शहर की अधिकतर नालियां गंदगी से भरी होने की समस्या को सामने रखा। पार्षदों ने कहा कि नाली से गंदगी को निकाल कर सड़क पर रख दिया जाता है, गंदगी को सड़क से नहीं उठाया जाता है। नालियां गंदगी से भरे होने से शहर की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। बैठक में निर्णय लिया गया कि सफाई कर्मचारियों को हिदायत दी जाएगी कि नालियों से निकाली गई गंदगी को सड़क पर न फैलाया जाए। सभी पार्षद अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था बनाए रखना सुनिश्चित करें।

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