
कुल्लू। हाल ही में घाटी में हुई बारिश तथा बर्फबारी सेब फसल के लिए संजीवनी साबित होगी। दिसंबर के अंत में हुई बर्फबारी और बारिश बगीचों में लंबे समय तक नमी बनाए रखने में कारगर साबित होगी। बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि सेब फसल के लिए जरूरी चिलिंग आवर्स को पूरा होने में भी यह बर्फबारी लाभकारी रहेगी। प्रगतिशील बागवान तिलक राज, खुशाल सिंह तथा देवराज का कहना है कि बीते दिन हुई बर्फबारी और बारिश सेब फसल केे लिए संजीवनी साबित होगी। बर्फबारी से सेब पौधों को कई बीमारियों से निजात मिलेगी और लंबे समय तक नमी भी बनी रहेगी। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केंद्र बजौरा के सहनिदेशक डॉ. जयंत कुमार का कहना है कि सेब फसल के लिए बर्फबारी और बारिश उपयुक्त है। इसे चिलिंग आवर्स को भी काफी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि साल में 1200 से 1600 घंटे तक तापमान सात डिग्री सेल्सियस या इसे इससे कम होना सेब के लिए बहुत ही आवश्यक है। इससे जहां सेब चोखा होगा, वहीं पैदावार में भी वृद्धि होगी।
