
सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार बनाने को लेकर मैदान छोड़ चुकी भाजपा अपनी पार्टी के विधायक को स्पीकर बनाने के लिए मैदान में कूदेगी। पार्टी ने यह तय किया है कि स्पीकर पद के लिए अपने पार्टी के विधायक को चुनाव में खड़ा करेंगे।
सरकार बनाने में विफल साबित हुई भाजपा ने आम आदमी पार्टी से एक बार फिर दो-दो हाथ करने की तैयारी में है।
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के घर पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में आम आदमी पार्टी को लेकर चिंता जताई गई। साथ ही विपक्ष में रहकर इस पार्टी को घेरने और स्पीकर पद के लिए भी रणनीति तैयार की गई।
उल्लेखनीय है कि भाजपा के चुने हुए 32 विधायक इस बार विधानसभा पहुंचेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कोशिश की जाए तो एक निर्दलीय विधायक भी उन्हें समर्थन देने को तैयार हो जाएंगे।
इसी तरह कांग्रेस के भी कुछ विधायक इस मुद्दे पर उनका समर्थन दे सकते हैं। लिहाजा स्पीकर का पद यूं ही गंवाने की जरूरत नहीं है। स्पीकर पद के लिए अगर भाजपा के विधायक चुने जाते हैं तो सरकार की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
विधानसभा सत्र के दौरान भी चर्चा करने का पूरा मौका मिलेगा। क्योंकि पिछले सत्र के दौरान जब भी विपक्ष हंगामा करता था उन्हें मार्शल से बाहर कर दिया जाता था। ऐसे में पार्टी अपना पक्ष रखने में नाकाम साबित हो रही थी और सत्ता पक्ष अपनी मनमानी करता था।
जल्द ही भाजपा स्पीकर पद के उम्मीदवार की घोषणा करेगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल, भाजपा विधायक दल के नेता डॉ. हर्षवर्धन, प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा, आरती मेहरा, विजय जौली, विजेंद्र गुप्ता समेत कई नेता उपस्थित थे।
उधर, स्पीकर पद की चाह में जेडीयू के विधायक शोएब इकबाल भी हैं। इस पद के लिए वे आम आदमी पार्टी को समर्थन देने का भी इशारा कर चुके हैं।
