
शिमला। नगर निगम बर्फ पर फिसलने के बाद फर्स्ट एड मुफ्त में करवाने का दावा तो ठोक रहा है लेकिन जिस वजह से लोग बर्फ पर चोटिल हों वहां से बर्फ हटाने और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर बेफिक्र है। नगर निगम खुद अपने कार्यालय की एपी ब्रांच की ओर जाने वाले रास्ते को दुरुस्त नहीं कर पाया है। यहां बिजली और पानी के बिल जमा करवाने के काउंटर भी हैं। रोजाना सैकड़ों लोगों को इस रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। बर्फ पर कोहरा जमने से कई लोग फिसल रहे हैं। लेकिन नगर निगम का यह दावा कि सब कुछ ठीक है, उसके कार्यालय के आगे जमी बर्फ सब कुछ बयां करने के लिए काफी है। यहां से लक्कड़ बाजार की ओर जाने वाली पगडंडी में भी बर्फ जमी है।
बर्फबारी होने के तीन दिन बाद भी नगर निगम सड़क मार्गों से बर्फ नहीं हटा सका है। रिज मैदान से सटे पद्मदेव कांप्लेक्स में स्थित बिजली दफ्तर में बिजली बिल जमा करवाने के लिए लोग अपनी जान हथेली पर रख कर गुजर रहे हैं। इस मार्ग पर बिना रैलिंग और टूटी हुई सीढ़ियों से लोगों को जाना पड़ रहा है। रिज मैदान से रिवोली रोड को जाने वाले शॉर्ट कट मार्ग की हालत भी खराब है। पाला पड़ने के चलते इस मार्ग पर बर्फ अभी तक पिघली नहीं है। निगम के मुख्य दफ्तर से महज 100 मीटर की दूरी पर अगर यह आलम है तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोल्ड जोन एरिया में रहने वाले लोगों की कैसी हालत होगी?
नगर निगम ने बर्फबारी से निपटने के लिए पुख्ता बंदोबस्त करने के कई दावे किए हैं। शहर की सड़कों के किनारे क्रशर सैंड के ढेर भी लगा दिए हैं ताकि वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो। लेकिन रिज मैदान से सटे पैदल मार्ग की अभी तक सुध नहीं ली गई है। बिजली बिल जमा करवाने आए सब्जी मंडी निवासी राम प्रताप, कैथू के करण चौहान, संजौली के प्रताप चौहान, ओल्ड बस स्टैंड की कमला देवी, कुसुम लता और कृष्णानगर की सुधा सिंह का कहना है कि रिज मैदान से लेकर बिजली बिल जमा करने वाले काउंटर तक सड़क की हालत बदतर हो गई है। जगह-जगह रास्ता टूटा पड़ा है। सीढ़ियां भी टूटी हैं। यहां रैलिंग भी नहीं है। इस मार्ग से बर्फ भी पूरी तरह से हटी नहीं है।
