तीन परिवारों की कैसे कटेंगी सर्द रातें

कुल्लू। जिला कुल्लू में आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस सर्दी के दो माह में तीन दर्जन काष्ठकुणी शैली के प्राचीन मकान अग्नि की भेंट चढ़ गए। 95 के करीब परिवार के सदस्य सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। आग की इन घटनाओं के प्रभावित परिवारों के सदस्यों को टेंट या दूसरों के घरों में जाकर सर्द रातें काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार रात को काईस क्षेत्र के सोयल गांव में तीन ढाई मंजिला मकान जलकर राख हो गए। बर्फबारी और बारिश का क्रम भी जारी था लेकिन, भीषण अग्निकांड पर बारिश और बर्फबारी का असर तनिक सा भी नहीं पड़ा। बर्फबारी के कारण दमकल वाहन भी मौके पर नहीं पहुंच पाया। पाइपें जमी हुई थीं। ग्रामीण भी आग बुझाने में नाकाम साबित हुए। सामने जलते हुए घरों को देखकर परिवार के सदस्यों का रातभर रो-रोक बुरा हाल हुआ। इस अग्निकांड में बुधराम के चार परिवार, पूने राम के छह और भाग चंद के चार परिवार बेघर हो गए हैं। नवंबर और दिसंबर में अब तक जिला में तीन दर्जन के करीब मकान आग की भेंट चढ़ गए हैं। अग्निशमन केंद्र कुल्लू के दमकल अधिकारी सेस राम ठाकुर ने बताया कि करीब दो माह में हुई अग की घटनाओं में काष्ठकुणी शैली के मकान जलकर राख हो गए हैं। इन घटनाओं में करोड़ों की संपत्ति जलकर राख हो गई है।

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