
उत्तराखंड पर्यटन विभाग और हिमालयन मोटर्स स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से पहाड़ों पर चल रही एडवेंचर कार रैली को कोटद्वार से यूपी का रास्ता पकड़ना पड़ सकता है। वन विभाग ने इस एडवेंचर रैली की प्रस्तावित राह में रोड़ा अटका दिया है।
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विभाग ने कोटद्वार से चिलरखाल-लालढांग होते हुए गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके लिए डीएफओ की ओर से जिलाधिकारी और पर्यटन विभाग को पत्र भेज दिया गया है।
यहां से गुजरनी थी रैली
उत्तराखंड में 22 दिसंबर से शुरू हुआ रफ्तार का रोमांच भाबरवासियों के नसीब में नहीं है। इस रैली को 24 दिसंबर को गर्जिया से नैनीडांडा, रथुवाढाब होते हुए दुगड्डा के रास्ते कोटद्वार में प्रवेश करना है। यहां से इसका रूट देवीरोड, हल्दूखाता, चिलरखाल-लालढांग वन मोटर मार्ग होते हुए लालढांग से हरिद्वार जिले में प्रवेश करने का है।
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क्षेत्र में उत्तराखंड से जाने वाला राज्य का यह इकलौता मार्ग है, मगर 13 किलोमीटर का पैच आरक्षित वनों से गुजरने के कारण सड़क बदहाल स्थिति में है।
डीएफओ ने रोका रास्ता
क्षेत्र में वन्यजीवों की बहुलता और मोटर मार्ग के निर्माण का विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के चलते लैंसडौन की डीएफओ नेहा वर्मा ने कार रैली को इस सड़क से गुजरने की अनुमति नहीं दी है, जिससे कार रैली को लेकर असमंजस बना हुआ है।
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एक दिन बाद गुजरने वाली एडवेंचर कार रैली के रूट की विधिवत जानकारी स्थानीय प्रशासन के पास नहीं पहुंची है। पुलिस उपाधीक्षक अरुणा भारती का कहना है कि अभी तक रैली की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों से ही मिली है। विधिवत सूचना आने के बाद ही रूट डायवर्जन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी।
नहीं दी अनुमति
जिला प्रशासन और पर्यटन ने चिलरखाल-लालढांग मार्ग से रैली को गुजारने के लिए एनओसी मांगी थी। सड़क के हालात और वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए इस मार्ग से रैली को गुजरने की अनुमति नहीं दी गई है। इस आशय का पत्र जिला प्रशासन को पहले ही दे दिया गया है।
